राजस्थान में गोमाता का आधार कार्ड: गायों के लिए अब यूनिक आईडी नंबर

जयपुर । राजस्थान में अब गायों को आधार जैसा यूनिक आईडी नंबर दिए जा रहे हैं। राजस्थान का गोपालन विभाग अब तक करीब पांच लाख गायों को ऐसे नंबर दे चुका है। इस परियोजना के बाद गोपालन विभाग के पास इन गायों के बारे में पूरी जानकारी उपलब्ध है। राजस्थान में 1681 पंजीकृत गोशालाएं हैं।

गोपालन विभाग ने इस वर्ष जनवरी में गायों को यूआईडी नंबर देने की परियोजना शुरू की है और अब तक पांच लाख गायों को यूआईडी नंबर दिए जा चुके हैं। इन नंबरों के बाद अब गोपालन विभाग के पास गाय की आयु, रंग, नस्ल, उसकी गोशाला, उनकी शारीरिक विशेषताओं आदि से जुड़ी सारी जानकारियां उपलब्ध हैं।

विभाग के निदेशक राजेंद्र कृष्ण के अनुसार यह परियोजना बहुत कुछ आधार जैसी है और इससे हमें गायों का रिकॉर्ड रखने में आसानी हो रही है। अब हर गाय को ट्रैक करना आसान हो गया। हर गाय के कान के पास इस नंबर को टैग किया गया है। इस टैग में एक चिप लगी हुई है। अब यदि कोई गाय सड़क पर यहां कहीं ओर लावारिस हालात में मिलती है, तो यह पता लगाना संभव है कि यह गाय किस गोशाला की है।

पोर्टल भी बनेगा 
इसके साथ ही गोपालन विभाग अब एक पोर्टल भी विकसित करने जा रहा है। इस पोर्टल के जरिए गायों की खरीद-बेच ऑनलाइन की जा सकेगी। गाय बेचने के इच्छुक गोपालक गाय के बारे में जानकारी इस पर अपलोड करेंगे और खरीदार इसे देख कर सीधे विक्रेता से बात करेगा। इस तरह दलालों की भूमिका खत्म हो जाएगी।

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