ग्रामीण अंचलों की अधिकांश पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त

कर्णप्रयाग। राज्य सरकार कितने भी दावे कर ले लेकिन आम आदमी समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। बरसात में क्षतिग्रस्त हुयी योजनाओं का अभी तक पुर्ननिर्माण नहीं हो सका है। विकासखंड कर्णप्रयाग के ग्रामीण अंचलों की अधिकांश पेयजल योजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं। सालों से इन योजनाओं की मरम्मत नहीं होने से लोगों को पीने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। न्याय पंचायत कंडारा के ग्राम धनसारी की पेयजल योजना पर एक साल से पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। इसी तरह बणसोली, पारतोली, कोलाडुंग्री, किमोली, कालूसैंण, खत्याड़ी, पाडली की योजनाओं पर भी नियमित पानी नहीं आ रहा है। कर्णप्रयाग विकासखंड के घंडियाल, केदारूखाल, मठोली योजना की हालत भी ऐसी ही बनी हुई है। इस योजना के अंतर्गत आने वाले मठोली, बसक्वाली, रतूड़ा, सिमतोली, धंडियाल, धारकोट आदि गांवों में भी पानी के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं। पूर्व प्रधान राजेंद्र जुयाल ने बताया कि इस संबंध में जल संस्थान के अधिकारियों को कईं बार अवगत कराने के पर भी समस्या का निस्तारण नहीं किया जा रहा है। सिमली क्षेत्र के औद्योगिक परिक्षेत्र पीपलसेरा, विद्यापीठ में भी नियमित पानी की आपूर्ति के लिए स्थानीय जनता थक चुकी है। नाराज लोगों ने कहा शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारू कर योजनाओं की मरम्मत नहीं किए जाने पर विभागीय कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी है।