डीपी सिंह सहित पीसीएस अफसरों की कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

देहरादून। एनएच घोटाले में एसआईटी कानून का शिकंजा पूर्व एसएलएओ डीपी सिंह पर कसने की तैयारी कर रही है। हाईकोर्ट से उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के बाद एसआईटी अब कभी भी डीपी सिंह की गिरफ्तारी कर सकती है। इसके अलावा भी कई पीसीएस अफसरों की गिरफ्तारी की संभावना है। हालांकि तत्कालीन कमिश्नर की जांच में ही यह बात साफ हो गई थी कि एनएच घोटाले में एक सिंडीकेट का हाथ रहा है। खुलासा इस बात का भी होना चाहिए कि इस सिंडीकेट में कौन कौन लोग शामिल थे।
गौरतलब है कि पीसीएस अफसर डीपी सिंह ने गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्थगनादेश ले रखा था, लेकिन अब हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा ली है। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने कुछ लोगों के कलमबंद बयान करा रखे हैं, जिनके आधार पर डीपी सिंह की गिरफ्तारी की जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि दीपावली से पहले ही एसआईटी डीपी सिंह की गिरफ्तारी करना चाहती थी, लेकिन ऐन वक्त पर डीपी सिंह हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेकर अपने बयान दर्ज कराने आए। बाद में एसआईटी के विवेचक स्वतंत्र कुमार सिंह ने स्टे खारिज कराने की कार्यवाही की। अब चूंकि कोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा दी है तो यह माना जा रहा है कि एसआईटी कभी भी डीपी सिंह की गिरफ्तारी कर सकती है। सूत्र बता रहे हैं कि इस मामले में एक नहीं, बल्कि कई लोगों की गिरफ्तारी होने की उम्मीद है।
तत्कालीन कमिश्नर डी सेंथिल पांडियन ने अपनी जांच के दौरान कहा था कि इस घोटाले में पूरे सिंडकेट का हाथ रहा है, क्योंकि घोटाले में एक नहीं अनेक विभाग शामिल हैं। एसआईटी की जांच अभी सिर्फ जसपुर व काशीपुर तहसीलों तक ही सिमटी रही है। बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर व किच्छा की जांच होना अभी बाकी है। इस घोटाले को लेकर सरकार की खासी किरकिरी भी हुई है, लिहाजा उन सभी लोगों के नाम सामने आने चाहिए जो इस सिंडीकेट में शामिल थे।