जुनैद हत्याकांड की सीबीआई से जांच करवाना चाहता है पीड़ित पक्ष

हरियाणा। जुनैद हत्याकांड में पीड़ित पक्ष मामले की जांच CBI से करवाना चाहता है। उन्हें पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। जिस तरह से 24-25 अक्तूबर को अदालत में सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ से आए सरकारी वकील आरोपी पक्ष के वकील की मदद कर रहे थे तो उन्हें डर है कि कहीं पुलिस मामले को प्रभावित ना कर दे।जुनैद पक्ष के वकील निबरास अहमद के मुताबिक, CBI जांच को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की हुई है और उस पर सुनवाई होनी है। उन्होंने बताया कि जिला अदालत में इस मामले में 23 से 25 अक्तूबर तक सुनवाई हुई।
इस पर अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश YS राठौर ने सरकारी वकील से सवाल किया कि वह आरोपी पक्ष की मदद क्यों कर रहे हैं, जबकि सरकारी वकील का दायित्व होता है कि वह दोषियों को सजा दिलाए। निबरास अहमद के मुताबिक, न्यायाधीश YS राठौर ने इस संबंध में एक पत्र राज्य सरकार, हरियाणा के एडवोकेट जनरल, पंजाब और हरियाणा के बार काउंसिल सहित एक पत्र पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय को भी भेजा था।
समझौते के लिए दबाव का आरोप
जुनैद के पिता जलालुद्दीन का आरोप है कि उन पर लगातार मामले में समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। गांवों में शांति समिति तो कभी महापंचायत के नाम पर आरोपी पक्ष की ओर से दर्जनों लोग उनके गांव में पहुंचते हैं तथा उन पर पंचायत में शामिल होने और समझौता करने का दबाव डालते हैं।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, गांव खंदावली निवासी जुनैद 22 जून को अपने भाई हाशिम, मोहसिन और मोइन के साथ ईद की खरीदारी कर दिल्ली से लौट रहा था। ओखला स्टेशन पर 20-25 लोग EMU में सवार हुए और धक्का-मुक्की करने लगे। इन लोगों ने जुनैद को जोर से धक्का दिया, जिसका उन्होंने विरोध किया।
इस पर कुछ लोगों ने उनके साथ बदसलूकी करते हुए जातिगत टिप्पणी की। विवाद इतना बढ़ गया कि ट्रेन में लोगों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि बल्लभगढ़ स्टेशन पर इन लोगों ने उतरने की कोशिश की, लेकिन इन्हें उतरने नहीं दिया गया। हमलावर बल्लभगढ़ से असावटी के बीच इनके साथ मारपीट करते रहे। असावटी स्टेशन से पहले एक हमलावर ने इन पर चाकूओं से वार किया। हमले में जुनैद की मौत हो गई थी, जबकि उसके भाई घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया था।