बिना राजनीतिक पृष्ठभूमि के खंडूड़ी बन गये विधायक:उपाध्याय

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा है कि राज्य निर्माण में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और मेरा मानना है कि पत्रकारों को भी राज्य आंदोलनकारी का दर्जा मिलना चाहिए। कहा सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी बड़े ही सौभाग्यशाली हैं, खंडूड़ी मेजर जरनल नहीं बनते अगर उन पर हेमवती नंदन बहुगुणा की पा दृष्टि नहीं होती। बिना राजनैतिक पृष्ठभूमि के खंडूड़ी विधायक, मुख्यमंत्री और सांसद तक बन गये हैं।
कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत में उपाध्याय ने कहा है कि 8 नवम्बर 2016 को हुई नोटबन्दी से 168 लोगों की जान गई और उसके बाद नए नोट छापने में 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नोटबन्दी के कारण हुए नुकसान का केन्द्र सरकार हिसाब नही दे पा रही है तथा जनता को गुमराह कर रही है, नोटबन्दी से 168 लोगों की जान गई और 20 हजार करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा। सरकार बताने मे असमर्थ है कि बैंकों मे कितना पैसा आया और कितना काला धन था। विपक्षी दलों द्वारा 8 नवम्बर को काला दिवस मनाये जाने का निर्णय लिया गया है कांग्रेस भी उक्त कार्यक्रम में बढ़चढ़ कर भाग लेगी।
प्रदेश की अस्थाई राजधानी में भी काला दिवस मनाया जायेगा और पैदल मार्च आठ नवम्बर को निकाला जायेगा। केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस के दाम बढ़ाये जाना निराशाजनक है, कामर्शियल सिलेंडर की कीमत बढऩे से छोटे दुकानदार व आम जनता पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। कच्चे तेल की कीमत कम होने के बाद भी पेट्रोल डीजल के दामो में वृद्घि होना निराशाजनक है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्दश पर भाजपा द्वारा अपने संगठनात्मक जिलों की संख्या कम कर दी गयी जबकि भाजपा की ही सरकार ने नए चार प्रशासनिक जिले बनाने की घोषणा की थी। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की है कि अपनी पूर्व घोषणा पर अमल कर 9 नवम्बर को जनहित में चार जिले बनाने की घोषणा करें।छोटे से राज्य में 2-2 राजधानियों की कल्पना नही की जा सकती इसलिए राज्य सरकार जल्द ही स्थायी राजधानी की घोषणा करें। गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन नेता प्रतिपक्ष डा$ इंदिरा हृदयेश ने शीतकालीन सत्र गैरसैंण में न करने पर जो बयान दिया है वह उसका समर्थन करते है, क्या खोया क्या पाया के सवाल को वह टाल गये और कहा कि डा$ इंदिरा हृदयेश बडी बहन है मिलकर पूछ लूंगा। राजनीति से खंडूरी के संन्यास लेने के सवाल पर किशोर ने कहा कि भुवन चन्द्र खंडूरी सौभाग्यशाली है और भुवन चंद्र खंडूऱी मेजर जरनल नहीं बनते अगर उन पर हेमवती नंदन बहुगुणा की पा दृष्टि नही होती। बिना राजनैतिक पृष्ठभूमि के खंडूरी विधायक,सांसद, मुख्यमंत्री तक बने है। इस अवसर पर वार्ता में राजेन्द्र भंडारी, अमरजीत सिंह, सारिका प्रधान आदि मौजूद थे।

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