आशा वर्करों ने एसएसपी के सामाने नाराजगी व्यक्त की

देहरादून। उत्तराखंड आशा यूनियन की आंदोलनकारी महिलाओं ने पुलिस के व्यवहार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की है। इसे लेकर आशाओं ने गुरुवार को एसएसपी निवेदिता कुकरेती से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। साथ ही अपना पक्ष भी रखा। आशाएं एसएसपी से उनके कार्यालय में मिलीं।
आशा यूनियन की प्रांतीय अध्यक्ष शिवा दुबे ने एसएसपी से गुहार लगाते हुए कहा कि गत मंगलवार को सरकार के प्रति रोष स्वरूप कुछ आंदोलनकारी महिलाएं पानी की टंकी पर चढ़ गई थी। इस दौरान पुलिस और आशाओं के बीच तनातनी का माहौल बन गया। दूबे ने कहा कि इसी दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने आंदोलनकारी महिलाओं के साथ उचित व्यवहार नहीं किया। जिसे लेकर आशाओं में नाराजगी और रोष है। उन्होंने एसएसपी से कहा कि आशा महिलाएं हमेशा से ही कानून और शांति का पालन करती रही हैं। यही कारण है कि वह अपना आंदोलन शांतिपूर्वक करती हैं।
इस मौके पर यूनियन ने एसएसपी को एक पत्र भी सौंपा। उधर एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने आशाओं से कहा कि कानून सर्वोपरि है। किसी को भी शांति भंग करने की इजाजत नहीं है। उन्होंने आशा महिलाओं को भरोसा दिलाया कि बावजूद इसके वह उनकी शिकायत की छानबीन करेंगी। साथ ही इस पर गंभीरता से विचार भी किया जाएगा। इससे पूर्व आशा वर्करों ने गुरुवार को भी अपना आंदोलन जारी रखा। विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के प्रति नारेबाजी की। इस अवसर पर अंजू थापा, स्नेहलता, नीलम वर्मा, लोकेश, परविंदर, सुनीता चौहान, मीना जखमोला, हंसी नेगी, करुणा, पिंकी सोलंकी, साफिया नूर, गीता, शबाना, नीरा कंडारी, रंजना, सुचिता रमोला, शिवदेई, बबीता शर्मा, सुनीता पॉल,नीरज यादव आदि मौजूद रहे।