ऑल वेदर रोड में काटे जाएंगे 12 हजार पेड़

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश में चारधाम के लिए महत्वाकांक्षी ऑल वेदर रोड परियोजना को लेकर शासन स्तर पर कसरत तेज हो गई है। इस कड़ी में परियोजना से जुड़े सात खंडों में वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े 16 मामलों में केंद्र से स्वीकृति मिल चुकी है। माना जा रहा है कि जल्द ही परियोजना को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया जायेगा।
वन विभाग ने ऑल वेदर रोड परियोजना के लिए 12 हजार से ज्यादा पेड़ काटने की अनुमति भी दे दी हैं। हालांकि, इस भूमि के बदले में वन विभाग को मिलने वाली भूमि में दोगुने से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी वन समेत अन्य विभागों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से जुड़े प्रथम चरण के कार्यों को वक्त पर पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि पहला कार्य भूमि की उपलब्धता का है। इसलिए पहले इस पर फोकस किया गया है। उन्होंने कहा कि परियोजना पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि कार्य तेजी से हो सके। सरकार की मंशा है कि इस सड़क के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को भी लाभ मिले।
जानिये क्या है आल वेदर रोड
आल वेदर रोड भारत सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
इसका उद्देश्य चारधाम को 12 महीने आवागमन के लिए सुगम बनाना और चीन की सीमा तक अच्छी और पक्की सड़क का निर्माण करना है।
इस योजना के तहत 12 हजार करोड़ की लागत से कुल नौ सौ किलोमीटर लंबी सड़क बनेगी।
जो यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ को आपस में जोड़ेगा।
सड़क के बन जाने से यात्रियों को खासकर बारिश के मौसम में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
योजना के तहत प्रस्तावित रूट में मौजूदा राजमार्ग को दस मीटर चौड़ा किया जाएगा।
राजमार्ग को टू लेन सड़क में भी परिवर्तित किया जाएगा।
चार धाम यात्रा को सुगम बनाने के लिए 13 बायपास, दो सुरंग, 25 बड़े ब्रिज और तीन फ्लाई ओवर बनाये जाएंगे।
सड़क के किनारे भूस्खलन से बचने के लिए सभी स्थानों पर पहाड़ों को सुदृढ किया जाएगा।
यात्रा मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए 18 सुविधा केन्द्र बनाए जाएंगे।