धुंध की चादर में लिपटा दिल्ली

दिल्ली में हवा की गुणवत्ता सोमवार रात काफी खराब हो गई और दृश्यता के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई। नमी से लैस प्रदूषकों से पैदा हुई धुंध की चादर ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया है। दृश्यता में कमी के चलते कई ट्रेनें विलंब से चल रही हैं। दूसरी ओर डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम काफी खतरनाक है खासकर अस्थमा के मरीजों को घर पर ही रहना चाहिए।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कहा है कि हवा में नमी का बढ़ा हुआ स्तर स्थानीय स्रोतों से होने वाले उत्सर्जन से मिल गया है और हवा नहीं बहने के कारण इसने शहर को अपनी चपेट में ले लिया है। सीपीसीबी की वायु प्रयोगशाला के प्रमुख दीपांकर साहा ने कहा, ‘‘पूरी तरह शांत स्थिति और हवा के बिल्कुल नहीं बहने की वजह से ऐसी स्थिति हुई है।’’ साहा ने कहा कि पड़ोसी राज्यों- पंजाब और हरियाणा से अभी शहर में हवा नहीं आ रही है। लेकिन जब दोनों राज्यों से हवा आनी शुरू होगी तो हालात और बिगड़ेंगे। गौरतलब है कि पंजाब और हरियाणा में धड़ल्ले से धान की पराली जलाई जा रही है। पिछले वर्ष भी ऐसी ही स्थिति बन गयी थी तब सरकार को स्कूलों को बंद करना पड़ा था। दिल्ली-एनसीआर में अभी तीन दिन ऐसे ही हालात बने रहने के आसार हैं।