हत्या का आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार 

देहरादून। हरिद्वार के कम्बल व्यवसायी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी के हत्या का आरोपी बदमाश शाहरूख पठान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 24 वर्षीय बदमाश शाहरूख पठान पर 50 हजार रूपए का इनाम था जिसे पुलिस ने बीती रात दिल्ली यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशन के पास गिरफ्तार किया है। यह जानकारी अपराध एंव कानून व्यवस्था के अपर पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया पुलिस मुख्यालय में पत्रकारों से मुखातिब होते हुए दी। अशोक कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि 6 मार्च को हरिद्वार के कम्बल व्यवसायी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या की गई थी। जिसमें विवेचना के दौरान जानकारी में आया था कि मैनपुरी कारागार में निरूद्घ कुख्यात गैंगस्टर संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा द्वारा यह हत्या पेशेवर हत्यारों से हरिद्वार निवासी सुभाष सैनी की हत्या कराने के उद्देश्य से शूटर द्वारा गलत पहचान हो जाने के कारण की गई थी। सुभाष सैनी से जीवा का हरिद्वार बाईपास पर बेशकीमती जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। जिसमें हत्या की धारा 302 एंव शाजिश के तहत 120 बी का मुकदमा दर्ज किया गया था। इसकी के तहत एसटीएफ द्वारा पूर्व में अभियोग के सूत्रधार व सहयोगी विवेक उर्फ विक्की ठाकुर तथा एक शूटर मुजाहिद को गिरफ्तारी से यह जानकारी प्रान्त हुई थी कि मुख्य शूटर शाहरूख पठान है, जो मुज्जफ्फरनगर से पुलिस कस्टडी से फरार है तथा कुख्यात माफिया मुख्तार अंसारी व संजीव जीवा का शूटर है। उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक एंव एसटीएफ रिधिम अग्रवाल द्वारा कुख्यात शूटर शाहरूख पठान की गिरफ्तार के लिए एसटीएफ की एक टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों तथा दिल्ली व एनसीआर में शूटर की तलाश की गई।
इस दौरान एसटीएफ को जानकारी मिली कि शाहरूख पठान उर्फ पप्पू पुत्र जरीफ पठान उम्र 24 निवासी टंकी चौक खालापार थाना कोतवाली मु.नगर उत्तर प्रदेश को बीती रात दिल्ली यूनिवर्सिटी मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। पुछताछ में उसने बताया कि 2015 में उसने कुख्यात अपराधी आसिफ जायदा की अपने साथियों के साथ मिलकर मु.नगर रेलवे स्टेशन पर पुलिस अभिरक्षा में हत्या की थी। इस हत्याकांड के बाद गिरफ्तारी पश्चात मुनगर जेल में रहते हुए वही के व्यवसायी अहमद अली जिनका सऊ दी अरब में कारोबार था से 10 लाख रूपए की रंगदारी मांगी थी जिसके कारण चालान लग गया और हरदोई उत्तर प्रदेश जेल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद भी लगभग 6 माह जेल में रहने के बाद हरदोई उत्तर प्रदेश जेल में पेशी पर मु$ नगर से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था तथा इसके पश्चात कुख्यात गैंगस्टर संजीव जीवा व मुख्तार अंसारी के सम्पर्क में आ गया था। फरारी के दौरान ही मैनपुरी जेल में बंद संजीव जीवा के कहने पर अपने साथ शूटर मुजाहिद व विक्की ठाकुर साथ मिलकर अमित दीक्षित की हत्या की थी। असल में हत्या सुभाष सैनी की जानी थी।

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