कुल्लू में फोरलेन निर्माण की कटिंग से देवधार गांव के एक दर्जन घरों को खतरा, लोग खौफजदा

घरों के साथ साथ एक मंदिर भी आया खतरे की जद में
-सर्द रातों में अंधेरे व खुले अंबर के नीचे रहने को मजबूर हैं लोग
– फोरलेन का काम देख रही एनसीबी कंपनी को नहीं प्रभावितों की फिक्र
– जान जोखिम में डाल कर रह रहे लोग ,डर के कारण पूरी पूरी रात सो नहीं पा रहे प्रभावित
कमलेश वर्मा (परी)
कुल्लू 11 नवंबर। जिला कुल्लू से करीब 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित देवधार गांव पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। गांव के करीब एक दर्जन घरों में दरारें आ गई हैं, दरारें आने से सभी घरों को खतरा उत्पन्न हो गया है जिस कारण लोग काफी सहमें हुए हैं। दरअसल, यहाँ पर गांव के नीचे की तरफ फोरलेन का निर्माण कार्य चला हुआ है और यहां फोरलेन निर्माण की कटिंग के कारण पहाड़ी बैठने लगी है और पूरा गांव ढह जाने के कगार पर है। यही नहीं गांव के एक दर्जन से अधिक घरों में बड़ी-ड़ी दरारें आ गई हैं इसके साथ ही एक मंदिर भी इसकी जद में आया है और मंदिर में भी काफी दरारें आई हैं जिस कारण गांव के लोगों में खौफ का माहौल है। गांव के लोग अपने घरों में रातें नहीं बिता पा रहे हैं और लोगों को खुले आसमान के नीचे रातें गुजारनी पड़ रही हैं। प्रभावित लोगों ने बताया कि हालांकि उन्होंने इस समस्या के बारे उपायुक्त कुल्लू सहित एनएचआई को भी पत्र लिखकर सूचित किया है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नही हो पाया है। प्रभावित मकान मालिक ने बताया कि कटिंग कर रही कम्पनी ने उसे भरोसा दिलाया था कि वो इतनी अधिक कटिंग नही करेंगे और जल्द यहाँ डंगा लगा दिया जाएगा लेकिन अब कम्पनी पहाड़ को अधिक काट रही है। जिस कारण यह समस्या पेश आई है। प्रभावितों ने बताया कि वो अपने मकानों को छोड़ चुके है और अब वो टिन के शेड में रहने पर मजबूर हो गए है। अगर ऐसे में कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेवार को होगा। वही, स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि कम्पनी वाले कटिंग के बाद सड़क किनारे मिट्टी फेंक रहे है और उस पर पानी भी नही डाला जा रहा है। मिट्टी से उठती धूल के चलते बच्चो को कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वही, इन दिनों स्कूल के छात्रों को भी यहाँ से गुजरना मुश्किल हो गया है। सड़को से उठती धूल से अब हर कोई परेशान हो गए है। गौर रहे कि जिला कुल्लू के खराहल घाटी के देवधार में फोरलेन के निर्माण का कार्य किया जा रहा है। जिस कंपनी के अधीन फोरलेन के निर्माण का कार्य सौंपा गया है उस कंपनी द्वारा पहाड़ की कटिंग की जा रही है। जिसके चलते लगभग 12 मकानों में दरारें आ चुकी है और उन मकानों को गिरने का खतरा बना हुआ है। प्रभावितों ने बताया कि इस समस्या के बारे में उपायुक्त कुल्लू व एनएचआई को भी पत्र लिखकर सूचित किया है। लेकिन अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं हो पाया है। प्रभावित कमलेश शर्मा ,जय नारायण, ओंकार शर्मा,वार्ड पंच हेमा शर्मा, पूर्व प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि कटिंग कर रही कंपनी ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वो ज्यादा कटिंग नहीं करेगी और जैसे-जैसे कटिंग होती है वैसे ही यहां डंगा लगा दिया जाएगा। बाबजूद इसके कंपनी अब ज्यादा कटिंग कर रही है जिसके चलते यह समस्या पेश आई है। उन्होंने बताया कि वे अपना आशियाना छोड़ चुके है अब वह टीन के शैड में रहने को मजबूर हो गए है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे में कोई अनहोनी हो जाए तो उसका जिम्मेवार कौन होगा। वहीं, स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि कटिंग के बाद कंपनी वाले सड़क किनारे मिट्टी फैंक रहे है। सड़कों से उठती धूल से लोग परेशान हो गए है। इस धूल-मिट्टी के उठने से लोगों को कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उधर, उपायुक्त कुल्लू यूनुस ने कहा कि घटना स्थल के लिए एसडीएम को जायजा लेने के लिए आदेश दिए हैं और घटना की जानकारी एकत्र करके एनएचआई को दी जाएगी। गांव को बचाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उधर, फोरलेन का काम देख रही एनसीबी कंपनी के किसी भी अधिकारी ने इस मामले को लेकर किसी भी तरह का बयान देने से इनकार कर दिया है।अधिकारियों की इस हरकत से लगता है कि कंपनी को उक्त प्रभावित लोगों की कोई फिक्र नहीं है।

कहीं कोटरूपी की तरह कहर न बरप जाए देवधार में
-पहाड़ की कटिंग के चलते 12 मकान गिरने की कगार पर
-प्रभावितों को सताने लगा खतरा,कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
ज़िला कुल्लू के मुख्यालय के सामने खराहल घाटी के देवधार में फोरलेन के निर्माण की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा रहा है। निर्माणाधीन कंपनी द्वारा पहाड़ की कटिंग की जा रही है। उसकी जद में गांव के करीब 12 मकान आ गए है। सभी मकानों में दरारे आ चुकी है और वो मकान कभी भी गिर सकते है। आलम यह है कि अगर शीघ्र ही इसका कोई समाधान नहीं किया गया तो वह दिन दूर नहीं जब एक बार फिर कोटिरुपी की तरह भयानक हादसा पेश आए ऐसे में अगर आसमान से बारिश होती है तो यह भी मंडी ज़िला की तरह कोटरूपी का हादसा सामने आ सकता है। प्रभावित लोगों ने बताया कि हालांकि उन्होंने इस समस्या के बारे डीसी कुल्लू सहित एनएचआई को भी पत्र लिखकर सूचित किया है। लेकिन अभी तक कोई समाधान नही हो पाया है। प्रभावित मकान मालिक जय नारायण, कमलेश शर्मा, ओंकार शर्मा, वार्ड पंच हेमा शर्मा, पूर्व प्रधान सुरेंद्र ने बताया कि कटिंग कर रही कम्पनी ने उसे भरोसा दिलाया था कि वो इतनी अधिक कटिंग नही करेंगे और जल्द यहाँ डंगा लगा दिया जाएगा। लेकिन अब कम्पनी पहाड़ को अधिक काट रही है। जिस कारण यह समस्या पेश आई है। प्रभावितों ने बताया कि वो अपने मकानों को छोड़ चुके है और अब वो टिन के शेड में रहने पर मजबूर हो गए है। अगर ऐसे में कोई हादसा होता है तो इसका जिम्मेवार को होगा। वही, स्थानीय दुकानदारों ने कहा कि कम्पनी वाले कटिंग के बाद सड़क किनारे मिट्टी फेंक रहे है और उस पर पानी भी नही डाला जा रहा है। मिट्टी से उठती धूल के चलते बच्चो को कई बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, यहाँ कभी भी कोई भी घटना घट सकती है जिसके चलते लोगों को खतरा सताने लगा है लोग इतने ख़ौफ़ज़दा हैं कि पूरी पूरी रात सो भी नहीं पा रहे हैं।
एसडीएम कुल्लू को घटनास्थल का जायजा लेने के लिए आदेश दे दिए हैं और घटना की जानकारी एकत्र करके एनएचआई को दी जाएगी। गांव को बचाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
———————————– युनूस, उपायुक्त कुल्लू