लाहौल-स्पीति पुलिस ने सरचू व शिंकुला से हटाई पुलिस चौकी
– खतरे से खाली नहीं होगा अब 476 किलोमीटर लंबे सफर में सफर करना
-बीआरओ ने भी समेटा सरचू व बारालाचा से अपना काम
कमलेश वर्मा (परी)
कुल्लू (मनाली)। सामरिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग अब राहगीरों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है। इस मार्ग पर सफर करने वाले राहगीर का अंतिम सहारा भी अब नहीं रहा है। सफर में कोई प्रावधान न होने के कारण अब राहगीर को सावधान होना होगा। आज तक सैलानियों व लेह के लोगों का सहारा बनी पुलिस पोस्ट को भी मौसम की परिस्थितियां देखते हुए लाहौल-स्पीति पुलिस ने हटाने के आदेश दे दिए है। 476 किमी लंबे इस सफर में अब जान जोखिम में पड़ सकती है। इससे पहले भी नवम्बर महीने में सफर करने वाले राहगीर अचानक हुई बर्फबारी का शिकार हुए हैं। लाहौल-स्पीति पुलिस ने सरचू में अपनी अस्थाई चौकी को हटा लिया है जबकि बीआरओ ने भी सरचू व बारालाचा में अपना काम समेट लिया है। पुलिस ने सरचू के साथ-साथ कारगिल को ओर निकल रहे करगिल मार्ग के शिंकुला दर्रे से भी अस्थाई चौकी को हटा लिया है। इस मार्ग पर सफर करने वाला राहगीर अब भगवान भरोसे ही रह गया है। हालांकि पटसेउ में सासे के अनुसंधान केंद्र तक राहगीर को सहारा अभी भी मिल रहा है लेकिन पटसेउ से लेह तक किसी भी प्रकार की मदद मिलने की संभावना नहीं है। उधर, एसपी लाहुल स्पीति गौरव सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लाहुल स्पीति पुलिस ने सरचू सहित शिकुला दर्रे से अपनी अस्थाई चौकियों को हटाने के आदेश दे दिए गए हैं।उन्होंने राहगीरों से आग्रह किया है कि अब इस मार्ग पर सफर करने का जोखिम न उठाएं।
मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए लाहौल-स्पीति पुलिस ने सरचू सहित शिकुला दर्रे से अपनी अस्थाई चौकियों को हटाने के आदेश दे दिए है। राहगीरों से आग्रह है कि वे अब इस मार्ग पर सफर करने का जोखिम न उठाएं।
——————गौरव सिंह, पुलिस अधीक्षक, लाहौल स्पीति