दिव्यांग बेटी से किया दुष्कर्म, बीस साल की हो गयी सजा

नई टिहरी। एक साल पहले के एक मामले में दिव्यांग बेटी से दुष्कर्म करने के आरोपी पिता को अदालत ने बीस साल की सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपी को दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामला टिहरी के चंबा क्षेत्र के एक गांव कहा है। मिली जानकारी के अनुसार यहां एक युवती दादी के साथ रहती है, जबकि उसके माता-पिता उससे अलग गांव में दूसरे घर में रहते हैं। नवंबर 2016 में पीडि़ता की दादी अपने छोटे बेटे के पास दिल्ली चली गई और पीडि़ता को गांव में उसके पिता के पास छोड़ गई। जनवरी 2017 में जब पीडि़ता की दादी दिल्ली से घर लौटी तो पीडि़ता ने पिता की करतूत दादी को सुनाई। इसके बाद 28 जनवरी 2017 को पीडि़ता की दादी व चाचा ने राजस्व चौकी रानीचौरी पहुंचे और और आरोपी पिता के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के अनुसार जब आरोपी के बच्चे स्कूल व पत्नी जंगल चली जाती थी तब वह मौका पाकर उसके साथ दुष्कर्म करता था। गुरुवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मीना तिवाड़ी की अदालत में इस मामले में बहस हुई। शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वीरेंद्र रावत ने इस मामले में आठ गवाह व साक्ष्य पेश किए, जिसके बाद अदालत ने दुष्कर्म करने वाले को बीस साल की सश्रम कारावास व 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।

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