जनजातीय ज़िला लाहुल स्पीति की स्पीति घाटी की रानी का हुआ निधन

जनजातीय ज़िला लाहुल स्पीति की स्पीति घाटी की रानी का हुआ निधन
-देहरादून अस्पताल में ली अंतिम सांस,स्पीति के क्युलिंग गांव में लाया पार्थिव शरीर
कमलेश वर्मा (परी)कुल्लू,17 नवबंर। जनजातीय ज़िला ज़िला लाहौल स्पीति की स्पीति घाटी के राजपरिवार से सम्बद्ध रखने वाली स्पीति घाटी की रानी दमयंती का उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वह 78 वर्ष की थीं। स्पीति की रानी की मौत की खबर से पूरी स्पीति घाटी में शोक की लहर है। रानी की मृत्यु के शोक में स्पीति घाटी के मुख्यालय काजा बाजार को बंद रखा गया। मिली जानकारी के अनुसार रानी दमयंती कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। उन्होंने देहरादून में आखिरी सांस ली। उनके पार्थिव शरीर को देहरादून से स्पीति घाटी के क्यूलिंग गांव लाया गया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। स्पीति घाटी की रानी के अंतिम संस्कार में बौद्ध धर्मगुरु 19वें अवतारी टीके लोचेन टुलकू, पूर्व मंत्री फुंचोग राय, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव सुभाष ठाकुर, पूर्व जनजातीय आयुक्त सुभाष नेगी, बिजली बोर्ड के एमडी पीसी नेगी समेत कई लोग शरीक हुए। गौर रहे कि स्पीति घाटी की रानी दमयंती 23 साल तक प्रोजेक्ट इंप्लीमेटशन कमेटी की अध्यक्ष भी रहीं। एक बार स्पीति ब्लॉक समिति की अध्यक्ष बनीं। टीएसी मेंबर रहती हुईं रानी दमयंती ने स्पीति घाटी के विकास में अहम भूमिका अदा की। वही, उनके निधन पर विधायक रवि ठाकुर, पूर्व मंत्री डा. रामलाल मार्कंडेय, पूर्व सीपीएस ठाकुर रघुवीर सिंह और युवराज बौद्ध ने शोक प्रकट किया है।
बॉक्स
शोक में डूबी पूरी स्पीति घाटी
रानी दमयंती के निधन से पूरी स्पीति घाटी में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। उनके पार्थिव शरीर को जैसे ही गाँव पहुँरचाया गया तो क्षेत्र में एकदम ही शोक की लहर दौड़ गयी। गौर रहे कि राजपरिवार से सम्बद्ध रखने वाली स्पीति घाटी की रानी दमयंती का उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में हृदय गति रुकने से निधन हो गया।