पाकिस्तानी आतंकियों का रिश्तेदार आखिरी बार मुँह देखले : भारतीय सेना

श्रीनगर। भारतीय सेना कश्‍मीर से आतंकियों का सफाया करने में जुटी हुई है। सीमा पार से घुसपैठ करने वाले भी काफी आतंकी पिछले दिनों सेना की गोलियों का शिकार बने। जम्‍मू-कश्‍मीर के पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद ने हाजिन (बांडीपोर) मुठभेड़ में जकी-उर-रहमान लखवी के भतीजे व अब्दुल रहमान मक्की के पुत्र उबैद की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि सभी 6 आतंकी पाकिस्तानी ही थे।
वैद ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि उनके घर वाले उनको आखिरी बार जरूर देखें और यही इंसानियत है। इसलिए हमारा आग्रह है कि वे शव ले जाएं और अपने इलाके में उन्हें दफन करें।’
अलकायदा के एलान और आईएस के बढ़ते प्रभाव से इनकार करते हुए रविवार को जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना ने दावा किया कि कश्मीर में इन खूंखार आतंकी संगठनों का कोई आधार नहीं है। उन्होंने इस साल 190 आतंकियों की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी भी लगभग 200 आतंकी कश्मीर में सक्रिय हैं। मारे गए आतंकियों में 110 विदेशी हैं। इनमें से 66 एलओसी (नियंत्रण रेखा) पर घुसपैठ की कोशिश करते हुए मारे गए हैं।
शनिवार को बांदीपोर में लश्कर के छह शीर्ष कमांडरों के मारे जाने को बड़ी कामयाबी बताते हुए सेना की 15कोर के जीओसी लफ्टिनेंट जनरल जेएस संधू ने कहा कि कश्मीर में लश्कर के नेतृत्व का लगभग सफाया हो गया है। मारे गए आतंकियों में जरगाम, महमूद भाई और लखवी के भतीजे उबैद उर्फ उसामा भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम अपना आतंकरोधी अभियान जारी रखेंगे, ताकि कश्मीर में जल्द शांति बहाल हो।

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