33 साल बाद गेंदबाज़ो का ताबड़तोड़ प्रदर्शन

नई दिल्ली। पहले टेस्ट मैच में कोलकाता के बाउंसी विकेट का फायदा भारतीय तेज गेंदबाजों ने खूब उठाया। इस टेस्ट मैच की पहली पारी में भारतीय तेज गेंदबाजों ने टीम के धुरंधर स्पिनर्स अश्विन और जडेजा को विकेट लेने का मौका ही नहीं दिया और विपक्षी टीम के सारे विकेट यानी सभी 10 विकेट टीम के तीनों तेज गेंदबाजों ने ही लिए। कमाल की बात ये रही कि भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में ये तीसरा मौका था जब अपने घरेलू मैदान पर टीम के सभी तेज गेंदबाजों ने एक पारी के सभी 10 विकेट लिए।
33 वर्षों के बाद तेज गेंदबाजों का कमाल
कोलकाता टेस्ट मैच की पहली पारी में भारतीय टीम के तीनों तेज गेंदबाजों मो. शमी, भुवनेश्वर कुमार और उमेश यादव ने विरोधी टीम के सभी विकेट चटकाए। इसमें शमी और भुवी को 4-4 जबकि उमेश को 2 विकेट मिले। वर्ष 1983-84 के बाद यानी 33 वर्षों के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट इतिहास में ये मौका आया जब किसी टेस्ट मैच की एक पारी में टीम के सभी तेज गेंदबाजों ने 10 विकेट लिए। इससे पहले दो बार भारतीय तेज गेंदबाजों ने टेस्ट मैच में ये कमाल किया था। पहली बार वर्ष 1981-82 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ और इसके बाद दूसरी बार वर्ष 1983-84 में अहमदाबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारतीय तेज गेंदबाजों ने ये कमाल किया था। इसके बाद अब जाकर भारतीय टीम के तेज गेंदबाजों ने ये मुकाम हासिल किया।
पहली पारी में ऐसा रहा तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन
पहली पारी में श्रीलंका के खिलाफ तीनों भारतीय तेज गेंदबाजों ने काफी अच्छी गेंदबाजी की। भुवनेश्वर की बात करें तो उन्होंने 27 ओवर में 88 रन देकर 4 विकेट लिए तो वहीं मो. शमी ने 26.3 ओवर में 100 रन लुटाए और 4 शिकार किए। उमेश यादव ने बाकी के 2 विकेट अपने खाते में डाले। उन्होंने 20 ओवर में 79 रन दिए। कमाल की बात ये रही कि पहली पारी में अपनी गेंदबाजी के दौरान भुवी और शमी ने ना तो एक भी गेंद वाइड फेंकी और ना ही कोई नो बॉल फेंकी। वहीं उमेश यादव ने एक वाइड गेंद फेंकी हालांकि उन्होंने भी एक नो बॉल नहीं फेंकी।
नहीं मिल पाया स्पिनर्स को मौका
पहले टेस्ट की पहली पारी में शायद भारतीय स्पिनर्स के लिए ज्यादा कुछ करने को था नहीं। आंकड़े देखकर लगता है कि स्पिनर्स ने सिर्फ खाना पूर्ति ही की थी। अश्विन को पहली पारी में सिर्फ 8 ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला जिसमें उन्होंने 13 रन दिए जबकि टीम के दूसरे स्पिनर रवींद्र जडेजा ने सिर्फ एक ओवर गेंदबाजी की और उन्होंने एक ही रन दिए। हालांकि कप्तान विराट कोहली ने भी 1.1 ओवर गेंदबाजी की और एक रन दिए।