उत्तराखंड पड़ा खतरे में 124 स्थानों पर मंडरा रही मौत

देहरादून । प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ हर साल बढ़ रहा है। इसका एक बड़ा कारण सड़कों का खराब होना भी है। परिवहन विभाग की ओर से प्रदेश की सड़कों पर ऐसे 124 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, जहां सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं और इन दुर्घटनाओं में मौत हुई हैं। इतना ही नहीं, पुलिस ने भी कुछ समय पूर्व प्रदेश में 300 से अधिक ऐसे डेंजर जोन चिह्नित किए हैं जहां सड़क दुर्घटनाएं होने की सबसे अधिक आशंका बनी रहती है। मैदानी क्षेत्रों में प्रमुख सड़कों पर बने तिराहे, चौराहे, संकरी सड़कें, स्कूल, बिजली के खंबे, ब्रेकर, अंधेरी सड़कें व सीवर लाइन दुर्घटना के प्रमुख कारण के रूप में सामने आए हैं। पर्वतीय इलाकों में तीव्र मोड़, घुमावदार सड़कें, भूस्खलन, क्षतिग्रस्त सड़कें व पैराफिट न होना दुर्घटना का बड़ा कारण है।
राज्य गठन के बाद प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौजूदा समय में हर साल तकरीबन 1200 से अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इनमें बदहाल सड़कें एक बड़े कारण के रूप में सामने आई है। गत वर्ष पुलिस महकमे ने सड़क दुर्घटनाओं के कुछ आंकड़े तैयार किए थे। इनमें 371 ऐसे स्थान पाए गए, जहां सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं। उधमसिंह नगर को पहले नंबर पर रखा गया। यहां तिराहे व चौराहे प्रमुख रूप से चिह्नित किए गए। देहरादून को दूसरे नंबर पर रखा गया। यहां तीव्र ढलान, संकरी सड़क व तीखे मोड़ दुर्घटना का बड़ा कारण माने गए। पर्वतीय क्षेत्रों में सबसे अधिक दुर्घटना संभावित क्षेत्र पौड़ी व उत्तरकाशी माने गए। यहां मार्गों पर यातायात चिह्न न होना, तीखे मोड़, ढलान व मार्गों पर पैराफिट न होने को दुर्घटना का बड़ा कारण माना गया। हालांकि पुलिस की इस रिपोर्ट पर बहुत कम काम हुआ।
बीते वर्ष सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित केंद्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के निर्देश पर परिवहन विभाग ने पुलिस व लोक निर्माण विभाग के सहयोग से सड़कों पर दुर्घटना का कारण बनने वाले 124 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए। ये सभी ऐसी जगह हैं जहां बीते तीन वर्षों में पांच से अधिक दुर्घटनाएं व दस से अधिक मौत हुई हैं। इनमें सबसे अधिक 48 ब्लैक स्पॉट देहरादून व 21 ब्लैक स्पॉट ऊधमसिंह नगर में चिह्नित किए गए हैं। राज्य स्तर पर गठित सड़क सुरक्षा समिति ने इसकी रिपोर्ट केंद्रीय सड़क सुरक्षा समिति को सौंपी है। अब इन्हें दुरुस्त करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए गठित लीड एजेंसी जल्द ही इन ब्लैक स्पॉट वाली जगहों का दौरा करेगी और इन्हें दुरुस्त करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करेगी। यह काम मुख्य रूप से नेशनल हाइवे व लोक निर्माण विभाग के जरिये किया जाएगा।
जिलों में चिह्नित ब्लैक स्पॉट देहरादून व 21 ब्लैक स्पॉट ऊधमसिंह नगर में चिह्नित किए गए हैं। राज्य स्तर पर गठित सड़क सुरक्षा समिति ने इसकी रिपोर्ट केंद्रीय सड़क सुरक्षा समिति को सौंपी है। अब इन्हें दुरुस्त करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा के लिए गठित लीड एजेंसी जल्द ही इन ब्लैक स्पॉट वाली जगहों का दौरा करेगी और इन्हें दुरुस्त करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश जारी करेगी। यह काम मुख्य रूप से नेशनल हाइवे व लोक निर्माण विभाग के जरिये किया जाएगा।
देहरादून——————————-48
ऊधमसिंह नगर———————–31
हरिद्वार——————————-25
नैनीताल——————————-07
टिहरी———————————-05
चमोली ——————————–02
पिथौरागढ़ —————————–02
चंपावत———————————01
कर्णप्रयाग——————————01
लोहाघाट ——————————-01
बागेश्वर———————————01
कुल————————————-124
किन सड़कों पर कितने
नेशनल हाइवे—————————99
अन्य सड़कें——————————25
कुल————————————–124