छात्र संख्या शून्य होने से 12 सरकारी स्कूल कराने पड़े बंद

गोपेश्वर,उत्तराखंड। गांवों से हो रहा पलायन या फिर सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर गिरने से जनपद चमोली में इस वर्ष 12 सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या शून्य होने से बंद कर दिया गया है। इन विद्यालयों में अध्यापन करा रहे शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने अन्य विद्यालयों में समायोजित कर दिया है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो गांवों से लगातार हो रहा पलायन भी गिरती छात्र संख्या की मुख्य वजह है। परंतु अधिकतर लोगों का मानना है कि क्वालिटी एजुकेशन पर सरकारी विद्यालयों में फोकस न होने की वजह से सरकारी विद्यालयों में छात्र संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। वजह कुछ भी हो परंतु 12 सरकारी विद्यालयों के बंद होने के बाद शिक्षा विभाग पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जनपद चमोली में कुल 1636 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें से विगत वर्ष तक 972 सरकारी विद्यालयों का संचालन हो रहा था। परंतु इस वर्ष अब मात्र 960 सरकारी विद्यालय ही रह गए हैं।
यहां हुए विद्यालय बंद
विकासखंड, विद्यालय का नाम
जोशीमठ कन्या जूहा तपोवन
जोशीमठ प्रावि भ्यूंडार
जोशीमठ जूहा भ्यूंडार
पोखरी प्रावि चमसिल
पोखरी प्रावि गंजेड़
देवाल प्रावि बजई चौड़
देवाल प्रावि मेल¨मडा
कर्णप्रयाग प्रावि उल्फाडा
कर्णप्रयाग प्राविद्या कुंड डुंग्रा
कर्णप्रयाग प्रावि भटोली
घाट प्रावि सेरा
घाट प्रावि सकंड
जनपद चमोली के 12 विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य होने के चलते इन विद्यालयों को इस शिक्षा सत्र से बंद कर दिया गया है। इन विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को अन्य विद्यालयों में समायोजित किया गया है। विद्यालयों में छात्र संख्या शून्य होने का मुख्य कारण गांवों से हो रहा पलायन है।

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