गौसदन संचालक सोसायटी एक्ट के तहत पंजीकृत करवाएं अपना गौसदन…युनूस

-कहा: जिला के सभी पशुओं को माइक्रो चिपिंग से जोडऩे के लिए होगा बजट का उचित प्रबंध
-बेसहारा पशुओं के उचित रखरखाव के लिए किया गया है जिला स्तरीय गौवंश संवर्धन बोर्ड का गठन
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू, 04 दिसंबर। जिला कुल्लू के सभी बेसहारा पशुओं के उचित रखरखाव को लेकर जिला स्तरीय गौवंश संवर्धन बोर्ड का गठन किया गया है। यह जानकारी उपायुक्त कुल्लू युनूस ने सोमवार को बचत भवन में जिला अधिकारियों व गौसदन संचालकों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उपायुक्त ने बताया कि जिला में कार्यरत सभी गौसदन संचालकों को अपने-अपने गौसदन को सोसायटी एक्ट के तहत बोर्ड में पंजीकृत करना अनवार्य है। उन्होंने सभी संचालकों को वन एवं सरकारी भूमि की हस्तांतरण प्रक्रिया की सभी औपचारिकताओं को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण करने की भी अपील की है। उन्होंने बताया कि जब गौसदन संवर्धन बोर्ड के तहत पंजीकृत होने के बाद सरकार की ओर से विशेष अनुदान राशि गौसदन संचालन के लिए दी जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला के सभी पशुओं को माइक्रो चिपिंग से जोडऩे के लिए बजट का उचित प्रबंध किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि पंचायत प्रधान तथा पंचायत सचिव को भी अपनी.अपनी पंचायत में पशु पंजीकृत करने के लिए लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं को आवारा न छोड़ें। यदि कोई व्यक्ति पशुओं को आवारा छोड़ते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में एसडीएम सन्नी शर्माए उपनिदेशक पशुपालनए नगर परिषद मनाली के अध्यक्षा शबनम तनवर व अन्य विभागों के अधिकारी व गौसदन संचालक मौजूद रहे।
चरस तस्करी के आरोपी को 10 साल की सजा
-अदालत ने सुनाया फैसला, भरना होगा 1 लाख जुर्माना भी
कमलेश वर्मा(परी), कुल्लू, 04 दिसंबर। जि़ला एवं सत्र के विशेष न्यायाधीश बलदेव सिंह की अदालत ने चरस तस्करी का आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं, दोषी को 1 लाख रुपये जुर्माना भी भरना होगा। अगर दोषी जुर्माना नही भर पाया तो उसे 1 साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दोषी की पहचान रकम पुन निवासी नेपाल के रूप में हुई है और कुल्लू पुलिस ने उसे 3 किलो 374 ग्राम चरस तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था। जि़ला उप न्यायवादी पंकज धीमान ने बताया कि कुल्लू पुलिस में तैनात सब इंस्पेक्टर लाल चन्द पुलिस टीम के साथ 29 सितम्बर 2015 को मणिकर्ण घाटी के जरी में गश्त कर रहे थे। उसी दौरान सामने से एक व्यक्ति आया जो पुलिस टीम को देख कर घबरा गया। पुलिस को देखते ही उसने अपने साथ रखा बैग नीचे फेंक दिया। पुलिस को उसकी गतिविधि पर शक हुआ और उन्होंने उसे तुरंत पकड़ लिया। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उसमें चरस बरामद की गई। अदालत ने गवाहों को आधार मानते हुए दोषी को सजा सुनाई।

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