शीत रेगिस्तान लाहुल घाटी में श्रद्धा के आगे हारा बर्फीला तूफान

-बर्फबारी में भी घाटी के दौरे पर जिला लाहुल-स्पीति के आराध्य देव राजा घेपन
-देवता के साथ निकले सैंकड़ो देवलू भी बर्फबारी में तय कर रहे सफर
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू 14 दिसंबर। देवभूमि हिमाचल में देवी-देवताओं पर लोगों की कितनी आस्था है इसका ताजा उदाहरण शीत रेगिस्तान जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में देखने को मिला है। जहां एक तरफ भारी बर्फवारी हो रही है तो वहीं, लाहुल घाटी के आराध्य देवता राजा घेपन घाटी के दौरे पर हैं और हैरानी इस बात की है कि भारी बर्फवारी में भी देवलु अपने देवता के साथ घाटी के विभिन्न गांवों का दौरा कर रहे हैं। यहां पर बर्फवारी भी आस्था के आगे घूटने टेकने को मजबूर हो गई है और तीन साल बाद लाहुल घाटी के दौरे पर निकले जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति के आराध्यदेव राजा घेपन का दौरा घाटी में हो रही भारी बर्फवारी के बावजूद भी रूका नहीं है बल्कि अभी भी जारी है। यहां आस्था के आगे बर्फीला तूफान भी हार गया है और भारी बर्फवारी होने पर भी सैंकड़ों देवलू अभी भी राजा घेपन की परिक्रमा में शामिल हैं।
बर्फ के फाहों के बीच देवलू व कारकून देवता संग घर-घर की परिक्रमा कर रहे हैं। ग्रामीण भी बर्फ के फाहों के बीच अपने आराध्यदेव का स्वागत कर रहे हैं। आस्था के अनुसार उम्मीद यह जाहिर की गई थी कि राजा घेपन के देवालय में प्रवेश करने के बाद ही बर्फबारी गति पकड़ेगी लेकिन इस बार राजा के दौरे के दौरान बर्फबारी हुई है। गौर हो कि राजा घेपन हर तीसरे साल लाहुल घाटी की परिक्रमा करते हैं और उदयपुर के मडग्रां तक लोगों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। इस बार हालांकि राजा घेपन जाहलमा से ही अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौट आए थे। राजा घेपन पांच दिसंबर को घाटी के अंतिम गांव कोकसर पहुंच गए थे लेकिन चंद्रा घाटी का पूरा दौरा करने के बाद अपने देवालय में प्रवेश करेंगे। हैरानी तो इस बात की है कि गत दो दिनों से घाटी में हो रही बर्फबारी भी देवलुओं का उत्साह कम नहीं कर पाई है। देवलू माइनस तापमान में भी परिक्रमा में डटे हुए हैं। देवता घेपन के साथ गए देवलू रतन, सोनम, विवेक ने बताया कि बर्फबारी में भी सैकडों लोग राजा घेपन की परिक्रमा में शामिल हैं। आराध्यदेव ग्रामीणों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद दे रहे हैं। राजा घेपन के गुर टसी ने बताया की अब आराध्यदेव अपने देवालय में प्रवेश कर जाएंगे। उन्होंने बताया कि राजा घेपन अब तीन साल बाद लाहुल घाटी की परिक्रमा करेंगे। गौर रहे कि राजा घेपन 23 अक्टूबर को देवालय से रवाना हुए थे। वहीं, इस साल जुलाई-.अगस्त महीने में ही राजा घेपन कुल्लू के मलाणा में भाई देवता जमलू से मिलने कुल्लू आए थे। उधर, भारी बर्फवारी में भी राजा घेपन के लाहुल दौरों को लेकर लोगों में उत्साह दिखा।

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