नाबालिग दुष्कर्म के आरोपी को सात साल की कैद
हमारे संवाददाता
देहरादून। एक बालिका को अगवा कर उससे दुष्कर्म करने के एक दोषी को विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) की अदालत ने सात साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को पुलिस ने दिसंबर 2014 में पानीपत (हरियाणा) से गिरफ्तार कर बालिका को बरामद किया था। दोषी तभी से जेल में बंद है।
मामला थाना विकासनगर का है। मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में विजय कुमार इलाके के एक घर पर किराये पर रहने आया। इस दौरान वहां रह रही नाबालिग पर उसकी नीयत खराब हो गई। हालांकि, छह महीने बाद ही उसने पीडि़ता का घर छोड़ दिया, लेकिन वह बराबर उसके आगे-पीछे लगा रहता था। सात सितंबर 2014 को स्कूल जाते समय विजय कुमार ने रास्ते में उसे रोक लिया और बोला कि वह उसे स्कूल छोड़ देगा। मगर विजय उसे स्कूल ले जाने के बजाए देहरादून लेकर आ गया। यहां से बालिका को ट्रेन से गोरखपुर लेकर चला गया। वहां कुछ दिन रहने के बाद विजय बालिका को लेकर पानीपत चला गया। इस दौरान उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। जब नाबालिग ने विरोध किया तो विजय ने उसे जान से मारने की धमकी भी। इस बीच पुलिस ने 16 दिसंबर 2014 को विजय को गिरफ्तार कर बालिका को बरामद कर लिया। सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक भरत सिंह नेगी ने अदालत को बताया कि विजय कुमार जायसवाल (42) पुत्र प्रमोद कुमार जायसवाल पेशे से मजदूर है तथा चार बच्चों का पिता है और मूलरूप से गोरखपुर का रहने वाला है और घटना के समय डाक्टर गंज विकासनगर में किराये पर रह रहा है। अदालत ने विजय को सात साल की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने में से 10 हजार रुपये पीडि़ता को दिए जाएंगे। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दस गवाह पेश हुए, जबकि बचाव पक्ष एक भी गवाह पेश नहीं कर सका।