गूगल के डूडल ने बढ़ाया उत्तराखंड का गौरव

gaura devi doodle

देहरादून. पर्यावरण संरक्षण को लेकर चिपको आंदोलन की सूत्रधार गौरा देवी को गूगल ने डूडल बनाकर सम्मान दिया है। सोमवार को चिपको आंदोलन की 45 वीं वर्षगांठ पर गौरा देवी को गूगल ने अपने अंदाज में याद किया। उत्तराखंड के चमोली जनपद के रैणी गांव की महिलाओं ने 1974 में गौरा देवी के नेतृत्व में पेड़ों के काटने के विरोध में पेड़ों से चिपक कर चिपको आंदोलन चलाया था। तब वन विभाग ने उत्तराखंड में लगभग 680 हेक्टेयर जंगलों को नीलाम किया था। इनमें रैणी गांव के लगभग दो हजार पेड़ों को कटान के लिए चिह्नित किया गया था। तब मजूदरों ने चुपके से रैणी में पेड़ों केे कटान के लिए गांव जाने की रणनीति बनाई। गौरा देवी को इसकी जानकारी मिली तो वह 20-25 महिलाओं के साथ जंगल पहुंचकर पेड़ों से चिपक गई। ऐसे में ठेकेदार वहां पेड़ों का कटान नहीं करा पाया। यहीं से चिपको आंदोलन का जन्म हुआ और वह देश-दुनिया में फैल गया। इस आंदोलन में गौरा देवी के साथ भट्टी देवी, फागुणी देवी और गोमती देवी प्रमुख थीं। चिपको आंदोलन में गौरा देवी के प्रयासों ने 2529 पेड़ों को बचाया था। आज पर्यावरण की रक्षक गौरा देवी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूगल ने डूडल ने सम्मानित कर पर्यावरण संरक्षण में पहल की है

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