क्या है गणपति विसर्जन की महिमा और सही तरीका?

भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से चतुर्दशी तिथि तक भगवान गणेश की उपासना के लिए गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाता है. श्री गणेश प्रतिमा की स्थापना चतुर्थी पर की जाती है और विसर्जन चतुर्दशी को किया जाता है.

माना जाता है कि प्रतिमा का विसर्जन करने से भगवान पुनः कैलाश पर्वत पर पहुंच जाते हैं. स्थापना से ज्यादा विसर्जन की महिमा होती है. इस दिन अनंत शुभ फल प्राप्त किए जा सकते हैं. अतः इस दिन को अनंत चतुर्दशी भी कहते हैं. कुछ विशेष उपाय करके इस दिन जीवन कि मुश्किल से मुश्किल समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है

क्या है विसर्जन का तरीका ?

– इस दिन प्रातः से उपवास रखना जरूरी है.

– घर में स्थापित प्रतिमा का विधिवत पूजन करें, पूजन में नारियल, शमी पत्र और दूब जरूर अर्पित करें.

– उसके बाद प्रतिमा को विसर्जन के लिए ले जाएं अगर प्रतिमा छोटी हो तो गोद या सर पर रख कर ले जाएं.

– प्रतिमा को ले जाते समय भगवान गणेश को समर्पित अक्षत घर में अवश्य बिखेर दें.

– चमड़े की बेल्ट, घड़ी और पर्स पास में न रखें, नंगे पैर ही मूर्ती का विसर्जन करें.

– प्लास्टिक की मूर्ती और चित्र न तो स्थापित करें और न ही विसर्जन करें, मिटटी की प्रतिमा सर्वश्रेष्ठ है.

– विसर्जन के बाद हाथ जोड़कर श्री गणेश से कल्याण और मंगल की कामना करें.

क्या विशेष कर सकते हैं विसर्जन के समय ताकि जीवन की तमाम समस्याओं से मुक्ति मिले?

– एक भोजपत्र या पीला कागज लें.

– अष्टगंध कि स्याही या नयी लाल स्याही की कलम भी लें.

– भोजपत्र या पीले कागज पर सबसे ऊपर स्वस्तिक बनाएं.

– इसके बाद स्वस्तिक के नीचे ॐ गं गणपतये नमः लिखें.

– उसके बाद क्रम से एक-एक कर के अपनी सारी समस्याएं लिखें.

– लिखावट में काट पीट न करें और कागज़ के पीछे कुछ न लिखें.

– समस्याओं के अंत में अपना नाम लिखें फिर गणेश मंत्र लिखें.

– सबसे आखिर में स्वस्तिक बनाएं.

– कागज़ को मोड़ कर रक्षा सूत्र से बांध लें और इसे गणेश जी को समर्पित करें.

– इसको भी गणेश जी की प्रतिमा के साथ ही विसर्जित करें.

– समस्त समस्याओं से मुक्ति मिलेगी.

क्या महत्व है इस चतुर्दशी तिथि का ?

– इस दिन मोक्ष की प्राप्ति के लिए भगवान विष्णु की भी पूजा की जाती है.

– इसके लिए अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा जाता है.

– बंधन का प्रतीक सूत्र हाथ में बांधा जाता है. व्रत के पारायण के समय इसको खोल दिया जाता है.

– इसमें नमक का सेवन नहीं करते, पारायण में मीठी चीजें जैसे सेवई या खीर खाते हैं.

– इस दिन गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करने से जीवन की तमाम विपत्तियों से मुक्ति मिलती है.

– आज के दिन भगवान गणेश के अमोघ मयूरेश स्तोत्र का पाठ करने से हर तरह की मानसिक समस्या से मुक्ति मिल जाती है.

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