ऐप के जरिए चुनाव में नेताओ की मनमानी पर रोक लगाएगा चुनाव आयोग

नई दिल्ली : चुनावों के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन की खबरें नई नहीं है लेकिन पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव में नेताओं के आचार संहिता का उल्लंघन करना आसान नहीं होगा। आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले नेताओं पर नजर रखने के लिए आयोग ने तकनीक का सहारा लिया है। चुनाव आयोग ने नेताओं पर नजर रखने के लिए C-VIGIL APP तैयार की है।
चुनाव आयोग के अनुसार अब तक आचार संहिता के उल्लंघन की खबरें देरी से मिलती थी, जिस कारण दोषी सजा से बच जाते थे। इसके अतिरिक्त तस्वीरों एवं वीडियो जैसे साक्ष्यों में कमी की वजह से भी शिकायतों को साबित करने में परेशानी होती थी। आयोग की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि जांच के बाद अधिकतर शिकायतें गलत पाई जाती थीं।
सी-विजिल ऐप से चुनाव आयोग को मिलने वाली शिकायतों के निवारण में तेजी आने की उम्मीद है। कोई भी व्यक्ति जिसके मोबाइल में यह ऐप है वह कुछ ही समय में आचार संहिता के उल्लंघन की लाइव रिपोर्ट भेज सकता है। शिकायत करने वाले व्यक्ति को अपनी शिकायत के लिए एक नंबर दिया जाएगा जिससे वह अपने मामले की वर्तमान स्थिति को भी जान सकेगा। हालांकि अज्ञात शिकायतों के लिए कोई नंबर जारी नहीं किया जाएगा।
सी-विजिल तंत्र में एक बार शिकायत स्वीकृत होने पर जिला नियंत्रण कक्ष में इसकी सूचना पहुंच जाएगी। यहां से सचल दस्ते को कार्रवाई का निर्देश भेजा जाएगा। पांच राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में नवंबर-दिसंबर में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। चुनाव आयोग इन पांचों राज्यों में चुनाव की घोषणा कर चुका है। सी-विजिल ऐप के अतिरिक्त आयोग इन राज्यों में राष्ट्रीय शिकायत सेवा, इंटीग्रेटेड कॉन्टैक्ट सेंटर, सुविधा, सुगम, इलैक्शन मॉनीटरिंग डैशबोर्ड और वन वे इलैक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलट जैसे ऐप्स का भी उपयोग करेगा।