2000 और 500 रुपये के एक नोट की छपाई पर सरकार का आता है इतना खर्च

नई दिल्ली: अक्सर जब हम किसी भी चीज के लिए खर्च करते हैं तो उसकी वास्तविक वैल्यू को समझना चाहते हैं. यही बात मुद्रा यानी करेंसी नोट पर भी लागू होती है. लेकिन जन सामान्य को इसका अंदाजा बिल्कुल भी नहीं होता कि आखिर एक नोट को तैयार करने पर सरकार का कितना खर्च होता है. लेकिन एक आरटीआई के जवाब में 2000 रुपये और 500 रुपये समेत अन्य नोट (प्रति नोट की लागत) पर खर्च की जानकारी मिली है. इसमें बताया गया कि 2000 रुपये के एक नोट पर सरकार को 4 रुपये 18 पैसे का खर्च आता है, जबकि 500 रुपये के एक नोट पर यह खर्च 2 रुपये 57 पैसे आता है.

20 रुपये की लागत 10 रुपये से कम
आरटीआई में यह जानकारी मांगी गई थी कि भारतीय रिजर्व बैंक को अलग-अलग नोट को तैयार करने में कितना खर्च आता है? इसके एवज में अलग-अलग नोट को लेकर जानकारियां दी गईं. प्राप्त जानकारियों के मुताबिक 100 रुपये के एक नोट के मुद्रण की लागत 1 रुपये 51 पैसे है. इसी तरह 10 रुपये के एक नोट पर 1 रुपये 1 पैसा का खर्च आता है. खास बात यह है कि 20 रुपये के एक नोट की लागत 10 रुपये से काफी कम है. इसकी लागत महज कुछ पैसों के रूप में है.

हजार की संख्या में नोट की लागत
प्राप्त गणना के मुताबिक, सरकार 10 रुपये और 50 रुपये के एक हजार नोटों को तैयार करने में 1,010 रुपये खर्च करती है. इसी प्रकार, 20 रुपये के एक हजार नोट को बनाने में 1000 रुपये खर्च होते हैं. जबकि, 100 रुपये के एक हजार नोट बनाने का खर्च 1510 रुपये आता है. 500 रुपये के एक हजार नोट पर 2,570 रुपये और 2000 रुपये के एक हजार नोट पर 4,180 रुपये का खर्च आता है.

पुराने नोट की लागत अधिक थी
आरटीआई में नोटबंदी (8 नवंबर 2016) से पहले के 500 रुपये और 1,000 रुपये के पुराने नोट के मुद्रण की लागत को लेकर भी जानकारी मांगी गई थी. इसकी जानकारी दी गई. बताया गया कि 500 रुपये के पुराने एक नोट की लागत 3 रुपये 9 पैसे आती थी. यह वर्तमान नए नोट की तुलना में 52 पैसे महंगी ही थी. जबकि 1,000 के एक नोट के मुद्रण की लागत 3 रुपये 54 पैसे आती थी.

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