कटे-फटे नोटों की वापसी पर RBI ने बदले नियम, आपके लिए इन्हें जानना जरूरी है

आरबीआई ने कटे-फटे नोटों को बदलवाने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (नोट रिफंड) नियम, 2009 में कई महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन नए प्रावधानों को 6 सिंतबर से ही अमल में ला दिया गया है। ये संशोधन इसलिए किए गए हैं ताकि महात्मा गांधी सीरीज के नए नोटों को जारी करने के बाद लोग नोटों को आसानी से बदलवा सकें। आरबीआई की ओर से जारी किए गए नए नोट पहले के नोटों की तुलना में आकार में छोटे हैं। गौरतलब है कि नोट बदलने का कानून आरबीआई एक्ट की धारा 28 के अंतर्गत आता है। इसमें नोटबंदी के पहले के ही कटे-फटे या गंदे नोट बदलने की इजाजत थी।

नियमों के मुताबिक, नोट की स्थिति के आधार पर लोग देशभर में आरबीआई कार्यालयों और नामित बैंक शाखाओं में विकृत या दोषपूर्ण नोट को बदलवा सकते हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि नवंबर 2016 में केंद्र सरकार की ओर से किए गए नोटबंदी के फैसले के बाद आरबीआई की ओर से 2000 रुपये, 500 रुपये, 200 रुपये, 50 रुपये और 10 रुपये के नए नोट जारी किए गए थे। लेकिन साइज में अंतर होने की वजह से ये नए नोट आरबीआई के नोट रिफंड रुल 2009 के अंतर्गत नहीं आते थे।

आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया, “50 रुपये या उससे ज्यादा मूल्यवर्ग के कटे-फटे नोटों को लेकर महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। बदले नियमों के अनुसार अगर नोट 40 फीसद से ज्यादा हिस्से में बंटे होंगे तो उन परिस्थितियों में पूरा रिफंड मिलेगा।” वहीं आरबीआई ने 2000 रुपये के कटे-फटे नोटों पर मौजूदा नियमों में भी संशोधन किया है।

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