जिस फेसबुक आईडी से बीएसएफ जवान को फंसाया गया उस लिस्ट में थे 90 भारतीय-जांचकर्ता
नई दिल्ली। अगर आपके फेसबुक पर कोई गैर शख्स लाइक या फिर कमेंट करता है तो अब आप संभल जाइए। यह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का बिछाया हुआ जाल हो सकता है, जिसमें आम आदमी या फिर सैन्य सुरक्षाकर्मी को फंसाने की चाल हो। जी हां, ये बात जासूसी के आरोप में बीएसएफ जवान अच्युतानंदन मिश्रा को बुधवार को पकड़नेवाले उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) ने कही है।
अच्युतानंदन मिश्रा को बुधवार की शाम से पांच दिन की पुलिस रिमांड में लिया गया है। मिश्रा को खुफिया एजेंसी आईएसआई ने सोशल मीडिया के जरिए हनी ट्रैप में फंसाकर बीएसएफ लॉजिस्टिक्स और ट्रूप के मूवमेंट का पता लगाने में उसका इस्तेमाल करती थी।
फेसबुक पर लाइक कर बिछाया जाता है जाल
एटीस के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) ऑफ पुलिस असीम अरुण ने बताया कि बीएसएफ जवान के किसी गैर फेसबुक यूजर ने महिला बन उसकी फोटो पर सिर्फ लाइक कर हनीट्रैप में फंसाया था। बीएसएफ जवान आईएसआई के बिछाए उस जाल में फंसकर बिना जान पहचान वाले उस फेसबुक यूजर को अपनी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। सूत्रों ने बताया कि जिस फेसबुक आईडी से मिश्रा को फंसाया गया था उसकी फ्रेंड लिस्ट में और 30 भारतीय शामिल हैं।
सैन्य बलों के साथ आम लोगों को भी फंसाने की कोशिश
असीम अरुण ने यह माना कि हाल में आईएसआई की तरफ से सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप में फंसाने के कई ऐसे मामले सामने आए हैं, इसमें किसी भी पोस्ट पर बिना जान-पहचानवाले (जिनमें ज्यादतर लड़कियां होती हैं), लाइक या फिर कमेंट किया जाता है।
उन्होंने यह बताया कि आईएसआई इस तरह से न सिर्फ सैन्य जवानों को अपना जाल में फंसाती है बल्कि आम लोगों को भी हनीट्रैपल के जाल में लिया जाता है ताकि महत्वपूर्ण स्थलों और बेहद संवेदनशील सूचनाएं उनसे हासिल की जा सके।