बच्‍चों को मोटापे और मानसिक समस्‍या का शिकार बना सकता है एनर्जी ड्रिंक

बच्चों और युवाओं को मोटापा और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी परेशानियों से बचाने के लिए उन्‍हें कैफीन वाले एनर्जी ड्रिंक से दूर रखने की जरूरत है। ब्रिटेन के स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे एनर्जी ड्रिंक बच्‍चों को बेचने पर प्रतिबंध लगाना सही रहेगा।

कैफीन संभवत: दुनिया भर में सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला साइकोएक्टिव ड्रग है, क्योंकि यह ध्यान और जागरूकता में इजाफा कर शारीरिक सक्रियता को बढ़ा देता है।

ब्रिटेन के रॉयल कॉलेज ऑफ पेडियाट्रिक्स एंड चाइल्ड हेल्थ (आरसीपीसीएच) के प्रोफेसर रसेल वाइनर का कहना है कि कैफीन व्यग्रता को भी बढ़ाता है और नींद में रुकावट भी पैदा करता है। तथा यह बच्चों में व्यवहार संबंधी समस्याओं से जुड़ा हुआ है। हाल के अध्ययनों से यह जानकारी भी मिली है कि यह बच्‍चों के दिमाग पर चिंताजनक रूप से प्रभाव डालता है।

वाइनर ने कहा कि यह चिंताजनक है, क्योंकि मनोवैज्ञानिक तनाव से खतरनाम व्यवहार का खतरा पैदा हो सकता है। इससे बच्‍चे ड्रग्‍स का प्रयोग कर सकते हैं या उनका अकादमिक प्रदर्शन खराब हो सकता है।

उन्होंने द बीएमजे जर्नल में प्रकाशित अपने शोध में कहा कि बच्चों और युवाओं को कैफीनयुक्त एनर्जी ड्रिंक्स बेचने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, ताकि मोटापे और मानसिक स्वास्थ्य समस्या को महामारी बनने से रोका जा सके।

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