आम आदमी के संघर्ष की कहानी है ‘सुई धागा

बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन और एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा की फिल्म ‘सुई धागा- मेड इन इंडिया’ कल यानि 28 सितंबर को रिलीज हो रही है। पहली बार ये जोड़ी किसी फिल्म में धमाल मचाएगी। फिल्म में वरुण-अनुष्का मौजी-ममता के किरदार में नजर आएंगे। ‘सुई धागा’ में अनुष्का पहली बार इतने सिंपल लुक में दिखेंगी। शरत कटारिया द्वारा निर्देशित ये फिल्म भारत के शिल्पकारों और बुनकरों द्वारा हाथ से बनाए गए कपड़े और कारीगरी को सिनेमा के माध्यम से मुख्यधारा में ला रही है। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में बुनकरों और कारीगरों द्वारा कपड़े पर किए गए काम को बहुत ही प्रखरता से दर्शाया गया है।

मेड इन इंडिया थीम -वरुण धवनजब मुझे ये फिल्म ऑफर हुई तो फिल्म का नाम सुनकर मैं सोच में पड़ गया कि ये कैसा नाम है ‘सुई धागा-मेड इन इंडिया’ इसमें क्या होगा। बाद में पता चला ‘सुई धागा’ में सिर्फ सुई धागा ही नहीं है, बहुत कुछ है। हमारे देश में गांधी जी का चलाया हुआ मेड इन इंडिया बहुत बड़ा अभियान है। इस अभियान से जुड़ी कई चीजें भी फिल्म में दिखाई गई है।
मौजी बनना नहीं था आसानमेरे लिए मौजी का किरदार इतना आसान न था। क्योंकि यह एक आम आदमी की कहानी है जो धूप में काम करता है और कई संघर्षों से गुजरता है। वह व्यक्ति बेरोजगार होने के बाद खुद का व्यापार शुरू करता है। मतलब बेरोजगार से खुद के रोजगार की कहानी को इस फिल्म के माध्यम से दर्शाया गया है। यह फिल्म हमें सिखाती है कि बुरे वक्त में भी हंसते हुए आगे बढ़ जाना ही जिंदगी है।

बेहद शांत हैं अनुष्काजब हम शूटिंग के लिए चंदेरी पहुंचे तो मैं सोच रहा था यहां कैसे रहेंगे, मैं शूट के बाद क्या करूंगा.. लेकिन अनुष्का बहुत शांत स्वभाव की हैं। उन्होंने मुझे समझाया तो धीरे-धीरे मैं भी सेट हो गया। शूट के दौरान हमने बहुत मस्ती की। हमारी शूटिंग 55 दिन तक चली और ये दिन कैसे निकले पता ही नहीं चला। खुद को बनाएं आत्मनिर्भरमहिला हो या पुरुष हर किसी को अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए या तो शिक्षित होना जरूरी है या हुनरमंद होना। क्योंकि खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए यही दो चीजें काम आती हैं।

बदल रही है यंग इंडिया की सोच : अनुष्का शर्माअब यंग इंडिया की सोच बदल रही है। फिल्मों के हीरो या हीरोइन के कपड़ों की सोच को वे फॉलो नहीं करते हैं। अब काबलियत और हुनर यंग इंडिया की नई पहचान है। हालांकि आज भी महिलाओं के प्रति सोच बदलने की जरूरत है। सिर्फ ये नहीं होना चाहिए कि लड़की है तो खाना बनाएगी और लड़का है तो काम करेगा। बड़ी संख्या में लोगों की सोच में बदलाव आया है लेकिन अभी भी बहुत कुछ बदलना है। खास कर हर किसी को अपनी जिम्मेदारी समझनी और निभानी पड़ेगी।

ममता- मौजी की कहानी उल्टी अक्सर लोग बिजनेस पार्टनर से लाइफ पार्टनर बनते हैं लेकिन इस फिल्म में ममता और मौजी की कहानी उल्टी है। उन दोनों की जल्दी शादी हो जाती है और दोनों एक-दूसरे को समझ नहीं पाते। लड़की घर के काम में लगी रहती है और लड़का नौकरी करता है.. लेकिन जब वो एक-दूसरे के साथ काम करना शुरू करते हैं, साथ में समय बिताते हैं और एक-दूसरे को समझने लगते हैं। इस फिल्म से बहुत लोग खुद को रिलेट करेंगे। फिल्म में मेरा किरदार ममता का है जिसे बहुत सहज से जीना पसंद है। इसमें मैंने बहुत साधारण सी साड़ी पहनी है उस पर जुराब और जुराब के ऊपर से बिछुए पहने हैं, जो सभी को बहुत ही वास्तविक लगेगा।

रियलस्टिक फिल्में पसंद कर रहे हैं लोगआजकल लोग सभी चीजें गूगल पर सर्च कर लेते हैं, वे जानते हैं कि लंदन, स्विट्जरलैंड कैसा है। आज के समय में आप दर्शकों से झूठ नहीं बोल सकते, वे सब जानते हैं। सबसे बड़ी बात ये कि दर्शकों को रियलस्टिक फिल्में पसंद आ रही हैं। यही वजह है कि आजकल रियलस्टिक फिल्में ज्यादा बन रही हैं

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