ग्रहों की समस्याओं के निवारण के लिए ऐसे करें देवी की उपासना
ज्योतिष में मुख्य रूप से तीन पाप ग्रह हैं- शनि, राहु और केतु. ये तीन ग्रह हमारे जीवन में नेगेटिव प्रभाव पैदा करते हैं. ये ग्रह और इनका प्रभाव कहीं न कहीं हमारे अंदर छुपा हुआ होता है, जो समय पड़ने पर बाहर आ जाता है. इसलिए हमेशा ही इन पाप ग्रहों को नियंत्रित करने का प्रयास करना चाहिए.
देवी की कृपा से कैसे पाप ग्रहों का नाश हो जाता है?
– देवी के अंदर सभी देवी देवताओं की शक्ति समाहित है.
– दुनिया में हर चीज की शक्ति के पीछे देवी की ही शक्ति है.
– ग्रहों नक्षत्रों की शक्ति भी देवी से ही बनी रहती है.
– हर ग्रह की शक्ति को देवी की कृपा से नियंत्रित किया जा सकता है.
शनि की समस्याओं के निवारण के लिए किस तरह देवी की उपासना करें?
– मां के काली स्वरूप की उपासना करें.
– मां काली के समक्ष एक बड़ा सा दीपक जलाएं.
– इसके बाद मां को नीले फूल या लौंग अर्पित करें, साथ में एक लोहे का छल्ला भी अर्पित करें.
– पहले मां काली के मंत्र “ॐ क्रीं कालिकायै नमः” का जाप करें.
– इसके बाद शनि के मंत्र “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” का जाप करें
– मां को अर्पित किए हुए लोहे के छल्ले को मध्यमा अंगुली में धारण करें.
– जब तक ये छल्ला आपकी अंगुलियों में रहेगा, शनि की पीड़ा नहीं होगी.
– ये प्रयोग नवरात्रि में किसी भी दिन कर सकते हैं.
– सामान्य रूप से शनिवार को मां काली को लौंग अर्पित करने से शनि की शान्ति होती है.
राहु की समस्याओं के निवारण के लिए कैसे देवी की उपासना करें?
– मां दुर्गा के सिंहवाहिनी स्वरूप की उपासना करें.
– मां दुर्गा के सामने गोद में पानी वाला नारियल लेकर बैठें.
– इसके बाद पहले “ॐ दुं दुर्गाय नमः” का जाप करें.
– फिर राहु के मन्त्र “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” का जाप करें.
– नारियल को ले जाकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें.
– ये प्रयोग नवरात्रि में किसी भी दिन करें.
– हर बुधवार देवी को पान का पत्ता अर्पित करने से राहु की समस्याएं समाप्त हो जाती हैं.
केतु की समस्याओं के निवारण के लिए कैसे करें देवी की उपासना?
– केतु की समस्याओं के निवारण के लिए महिषासुर मर्दिनी स्वरूप की उपासना करें.
– मां को शहद अर्पित करें और लाल फूल भी चढ़ाएं.
– एक लाल चन्दन की लकड़ी का टुकड़ा भी अर्पित करें.
– इसके बाद “ॐ कें केतवे नमः” का जाप करें.
– शहद को प्रसाद की तरह ग्रहण करें तथा लाल चन्दन के टुकड़े को अपने पास रख लें.
– ये प्रयोग नवरात्रि में किसी भी दिन करें.
– हर बृहस्पतिवार को देवी को लाल चन्दन अर्पित करने से केतु की शांति हो जाती है.
अगर नौ ग्रहों की समस्या हो तो कैसे करें देवी की उपासना?
– इसके लिए नित्य प्रातः देवी के सामने घी का दीपक जलाएं.
– इसके बाद उन्हें लाल फूल और लौंग चढ़ाएं.
– फिर एक विशेष मंत्र का 108 बार जाप करें.
– मंत्र होगा –
शांतिकर्मणि सर्वत्र तथा दुःस्वप्नदर्शने।
ग्रहपीडासु चोग्रासु महात्म्यम शृणुयान्मम।।(अ० 12 , श्लो० 16)
– मन्त्र का जाप लाल चन्दन की माला से करें.
– इस श्लोक का नियमित जाप करने वाले को कभी भी ग्रह बाधा नहीं होती है.