राम मंदिर आन्दोलन को धार देने नई राजनीतिक पार्टी बना सकते है प्रवीण तोगड़िया
विश्व हिंदू परिषद से अलग होकर अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद बनाने वाले प्रवीण तोगड़िया राम मंदिर आन्दोलन को धार देने के लिए मंगलवार को नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर सकते हैं. उन्होंने सोमवार को अयोध्या में इसके संकेत दिए.
प्रवीण तोगड़िया ने कहा है कि वे ‘राम मंदिर नहीं, तो वोट नहीं’ आंदोलन को खत्म करने वाले नहीं हैं. अबकी बार हिंदुओ की सरकार बनेगी. जल्द ही इस पर फैसला होगा कि किसे वोट देना है. उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि अब जनता के सामने एक नया विकल्प देना है. उन्होंने कहा कि जो भी राम मंदिर निर्माण की बात करेगा, वोट उसी को मिलेगा.
गौरतलब है कि प्रवीण तोगड़िया सैंकड़ों समर्थकों के साथ अयोध्या में डटे हैं. प्रशासन के रोक के बावजूद उन्होंने सोमवार को सभा की. आज वे रामकोट की परिक्रमा करेंगे. जिसके बाद संकल्प सभा में हिस्सा लेंगे. प्रशासन के रोक के बावजूद भी प्रवीण तोगड़िया सभा करने पर अड़े हुए हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बनाने के लिए है. इसके जरिये वे किसानों, छात्रों और बेरोजगारों के उन मुद्दों को भी उठाएंगे जिन्हें उनसे वायदा तो किया गया, लेकिन पूरा नहीं किया गया.
तोगड़िया के करीबी लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक 23 अक्टूबर को ही वे एक बड़ा राजनीतिक फैसला भी ले सकते हैं. माना जा रहा है कि वे एक राजनीतिक दल के गठन की घोषणा भी कर सकते हैं जो आगामी लोकसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार भी उतरेगी.
हालांकि तोगड़िया ने राम मंदिर पर शिव सेना के रुख का समर्थन किया है. कहा जा रहा है कि तोगड़िया अपनी नई पार्टी और शिव सेना के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकते हैं. 25 अक्टूबर को शिव सेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी अयोध्या पहुंच रहे हैं.