एमपी में सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रत्याशियों का चुनाव करेगी भाजपा

मप्र में पार्टी किस तरह लगातार चौथी बार सत्ता हासिल करगी, इसे लेकर भाजपा में कई स्तर पर तैयारी चल रही है। खासकर टिकट वितरण को लेकर पार्टी काफी सजग और सतर्क है। भाजपा सूत्रों के अनुसार, इस बार आलाकमान चार सर्वे रिपोर्ट के आधार पर टिकट का वितरण करेगा। इसके लिए प्रदेश संगठन (प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन महामंत्री), राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री सौदान सिंह, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह की कोर टीम ने सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसके आधार पर टिकट बंटवारे पर अंतिम फैसला होगा। भाजपा के आला नेताओं के अनुसार ऐसा पहली बार हो रहा है, जब चार सर्वे रिपोर्ट को एक साथ रखकर टिकट बंटवारे की रणनीति बन रही है। दरअसल, प्रदेश में एंटी-इंकम्बेंसी को देखते हुए पार्टी ने यह टिकट वितरण की यह नीति बनाई है ताकि जीतने वाले प्रत्याशी को ही टिकट मिल सके। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर सभी 230 सीट की रिपोर्ट तैयार की गई है।
4 कैटेगरी में सीटों की रिपोर्ट
प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शाह ने प्रदेश संगठन को चार कैटेगरी में सीटों को बांटकर रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इस आधार पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत ने रिपोर्ट तैयार की है। भाजपा के उच्च पदस्थ सूत्रों की मानें तो प्रदेश संगठन ने ए श्रेणी में उन 64 विधानसभा सीटों को शामिल किया है जहां पार्टी की जीत की 100 फीसदी गारंटी है। वहीं बी श्रेणी में 41 सीटों को रखा है। शाह के मिशन अबकी बार 200 पार को देखते हुए ए और बी श्रेणी में 105 विधानसभा सीट आ रही हैं।
ए श्रेणी में ये सीटें हैं
सबलगढ़, दतिया, गुना, चांचोड़ा, रहली, नरियावली, बंडा, टीकमगढ़, देवसर, बांधवगढ़, मानपुर, धौहनी, मुंडवारा, बहोरीबंद, जबलपुर नार्थ, जबलपुर केंट, पनागर, शहपुरा, नरसिंहपुर, बिछिया, कटंगी, तेंदूखेड़ा, गाडरवारा, जुन्नारदेव, छिन्दवाड़ा, मुलताई, आमला, बैतूल, भैंसदेही, होशंगाबाद, सोहागपुर, पिपरिया, उदयपुरा, भोजपुर, सांची, विदिशा, राजगढ़, बुदनी, गोविंदपुरा, भोपाल दक्षिण-पश्चिम, आगर, देवास, बागली, हरसूद, खण्डवा, नेपानगर, बुरहानपुर, सेंधवा, अलीराजपुर, झाबुआ, देपालपुर, इंदौर-1, इंदौर-2, इंदौर-4, महू, महिदपुर, उज्जैन नॉर्थ, रतलाम ग्रामीण, रतलाम सिटी, जावरा, मंदसौर, नीमच, गरोठ, जावद।
बी श्रेणी में 41 विधानसभा क्षेत्र
प्रदेश संगठन के सर्वे में जिन विधानसभा सीटों को बी श्रेणी में रखा गया है, वे वह सीटें हैं जिन्हें जीतने के लिए भाजपा संगठन को थोड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। संगठन का मानना है कि इन सीटों पर अगर पार्टी सही उम्मीदवार को टिकट दे दे तो जीत तय है।
बी श्रेणी में ये 41 सीटें शामिल हैं
शिवपुरी, खुरई, महाराजपुर, खरगापुर, राजनगर, छतरपुर, बिजावर, सतना, सिंहावल, चितरंगी, सिंगरौली, ब्यौहारी, जयसिंहनगर, जैतपुर, अनूपपुर, पुष्पराजगढ़, पाटन, सिहोरा, निवास, वारासिवनी, सिवनी, गोटेगांव, चौरई, सौंसर, परासिया, पांढुर्णा, सिलवानी, नरसिंहगढ़, सारंगपुर, खातेगांव, पंधाना, कसरावद, जोबट, सांवेर, नागदा-खाचरोद, तराना, घटिया, उज्जैन साउथ, बडऩगर, सैलाना, आलोट।
सी और डी श्रेणी ने बढ़ाई चिंता
भाजपा संगठन ने सी श्रेणी में 55 और डी श्रेणी में 70 सीट को रखा है। ये वे सीटें हैं जिसने भाजपा को चिंता में डाल दिया है। इन विधानसभा सीटों पर सबसे अधिक एंटी-इंकम्बेंसी है। यही नहीं इन विधानसभा सीटों में से जितने पर भाजपा का कब्जा है, वहां के विधायकों के खिलाफ जबरदस्त माहौल है। बताया जाता है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री सौदान सिंह सी और डी श्रेणी की सीटों की समीक्षा करके फाइनल रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट में बताया जाएगा कि सी और डी श्रेणी की सीटों को किस तरह से पार्टी के पक्ष में किया जाएगा। प्रदेश संगठन के अनुसार सी श्रेणी की सीटों में श्योपुर, करैरा, सुमावली, बीना, सागर, निवाड़ी, अम्बाह, अटेर, ग्वालियर ग्रामीण, पिछोर, कोलारस, बामोरी, जतारा, पृथ्वीपुर, जबेरा, पवई, पन्ना, चित्रकूट, रैगांव, मउगंज, देवतालाब, मनगांव, रीवा, गुढ़, बरगी, हरदा, कुरवाई, सिरोंज शमशाबाद, बैरसिया, नरेला, हुजूर, सुसनेर, शाजापुर, शुजालपुर, कालापीपल, सोनकच्छ, हाटपिपल्या, मंधाता, गंधवानी, कुक्षी, धार, इंदौर-3, इंदौर-5, चांदला, नागौद, मैहर, अमरपाटन, बैहर, लांजी, घोड़ाडोंगरी, टिमरनी, सिवनी मालवा, राऊ, बासौदा आदि शामिल है।
डी श्रेणी की सीटें खतरे में
प्रदेश संगठन ने डी श्रेणी में जिन विधानसभा सीटों को रखा है वे खतरे में हैं। पार्टी यहां जातिगत आधार पर देगी। डी श्रेणी की सीटों में विजयपुर, जौरा, मुरैना, दिमनी, भिण्ड, लहार, मेहगांव, गोहद, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व, ग्वालियर दक्षिण, भितरवार, डबरा, सेवढ़ा, भांडेर, पोहरी, राघौगढ़, अशोकनगर, चंदेरी, मुंगावली, सुरखी, देवरी, मलहेरा, पथरिया, दमोह, हटा, गुन्नौर, रामपुर बघेलान, सिरमौर, सेमरिया, त्योंथर, चुरहट, सीधी, कोतमा, बड़वारा, विजयराघवगढ़, जबलपुर इस्ट, जबलपुर वेस्ट, डिंडौरी, मंडला, परसवाड़ा, बालाघाट, बरघाट, केवलारी, लखनादौन, अमरवाड़ा, भोपाल उत्तर, भोपाल मध्य, आष्टा, इछावर, सीहोर, ब्यावरा, खिलचीपुर, भीकनगांव, बड़वाह, महेश्वर, खरगोन, भगवानपुरा, पानसेमल, राजपुर, बड़वानी, थांदला, पेटलावद, सरदारपुर, मनावर, धरमपुरी, बदनावर, मल्हारगढ़, सुवासरा, मनासा शामिल है।
राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री सौदान सिंह की रिपोर्ट…
इस बार के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने के फॉर्मूले में भाजपा ने कुछ बदलाव किया है। किसी भी सीट पर कोई जोखिम न रहे, इसके लिए जिताऊ उम्मीदवार ढूंढने में जुटे हैं। विधायकों की छवि और उम्मीदवारों के आंकलन के लिए भाजपा लगातार सर्वे करा रही है। इन्हीं सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री सौदान सिंह ने अमित शाह के कहने पर एक रिपोर्ट तैयार करवाई है। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि शाह ने सौदान सिंह को यह जिम्मेदारी इस लिए दी है कि सौदान सिंह का मध्यप्रदेश से नाता पुराना है। विदिशा जिले के कागपुर के रहने वाले सौदान सिंह ने संघ के विस्तारक के रूप में अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था। भोपाल के संभागीय संगठन मंत्री समेत अनेक पदों पर रहने वाले सौदान सिंह को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सह-सरकार्यवाह सुरेश सोनी का नजदीकी माना जाता है। सोनी भी मध्यप्रदेश से ही वास्ता रखते हैं। अपने 26 से 28 मार्च तक के तीन दिनी दौरे में सौदान सिंह ने प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्रदेश में संगठन का हाल जाना था। यही नहीं उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों और मंत्रियों से वन-टू-वन बात कर सत्ता और संगठन में चल रहे अंतर्विरोध को भी टटोलने की कोशिश की। उसके बाद उन्होंने टिकट के दावेदारों की एक रिपोर्ट तैयार करवाई है। राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को दी है।