आस्था के विषय में भाजपा की विश्वसनीयता को कोई चुनौती नहीं दे सकता : विनय सहस्त्रबुद्धे

मध्यप्रदेश में पिछले 15 साल से सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ एक प्रसिद्द धार्मिक नेता के तीखे आरोपों पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे ने मंगलवार को हालांकि सीधी टिप्पणी से इंकार किया लेकिन कहा कि आस्था के विषय में भाजपा की विश्वसनीयता को कोई भी व्यक्ति चुनौती नहीं दे सकता। कम्प्यूटर बाबा ने शिवराज सिंह चौहान नीत भाजपा सरकार पर “धर्मविरोधी” होने का आरोप लगाते हुए संतों को लामबंद करने का अभियान मंगलवार से ही शुरू किया। राज्य के विधानसभा चुनाव से महीना भर पहले सामने आये अभियान के बारे में पूछे जाने पर सहस्त्रबुद्धे ने यहां संवाददाताओं से कहा, “मैं इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं करूंगा, क्योंकि हम सभी संतों का सम्मान करते हैं। वैसे जनतंत्र में आंदोलन चलते रहते हैं।” प्रदेश में भाजपा के चुनावी रणनीतिकारों में शामिल वरिष्ठ नेता ने कहा, “समाज में आस्था के विषय में भाजपा की विश्वसनीयता को कोई भी चुनौती नहीं दे सकता।”

अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निरोधक अधिनियम में संशोधनों के खिलाफ अनारक्षित समुदाय के विरोध प्रदर्शन पर सहस्त्रबुद्धे ने कहा, “कई बार गलत धारणाओं के चलते मन-मुटाव भी होता है और कोई व्यक्ति नाराज भी हो सकता है। लेकिन सामाजिक एकता को बरकरार रखने के लिये हम सभी को परिपक्वता से काम करना चाहिये।” वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक 2018 में सूबे के आदिवासी बहुल अलीराजपुर को देश का सबसे गरीब जिला बताये जाने को लेकर किये गए सवाल पर भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा, “मैंने हालांकि संबंधित रिपोर्ट नहीं देखी है। अगर समाज के कुछ वर्ग या इलाके प्रगति की यात्रा में पीछे छूट गये हैं, तो हम उन्हें इस सफर में शामिल करेंगे।” उन्होंने कहा, “हम यह दावा नहीं करते कि राज्य के चप्पे-चप्पे में स्वर्ण युग आ गया है।”

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