सीबीआइ पर राजनीतिक युद्ध, आपसी घोटाले गिना रहे राजनेता
नई दिल्ली । सीबीआइ में मचे घमासान ने अब कांग्रेस और भाजपा के बीच भी राजनीतिक युद्ध छेड़ दिया है। दोनों पार्टियां एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि सीबीआइ डायरेक्टर राफेल सौदे की जांच करना चाहते थे इसीलिए प्रधानमंत्री डर गए और उन्हें आधी रात ही हटा दिया। वहीं, भाजपा का जवाब है कि राहुल गांधी राफेल पर हर रोज नए-नए झूठ गढ़ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस शासनकाल याद करना चाहिए जब कोयला घोटाले की फाइल्स मंत्री सीबीआइ के अधिकारियों से घर पर ही मंगवा लिया करते थे।
गुरुवार को प्रेसवार्ता करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सीबीआइ में चल रही उथल-पुथल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरा। उन्होंने सीबीआइ में चल रही उठापटक के लिए सीधे तौर पर पीएम मोदी को जिम्मेदार बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने पीएम मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा- पीएम मोदी जितना चाहें भागें लेकिन बच नहीं पाएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने सीबीआई निदेशक को इस तरह से हटाकर देश के मुख्य न्यायाधीश, सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता के साथ-साथ देश की जनता का अपमान किया गया है। सीबीआई एक्ट के तहत एक कमेटी है, जो फैसला लेती है। इनमें प्रधानमंत्री सहित दो सदस्य होते है। एक सदस्य देश के प्रधान न्यायाधीश और दूसरे सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता होते है। लेकिन इस फैसले में दोनों को ही दरकिनार किया गया।
राहुल गांधी ने इसके साथ ही सरकार की ओर नियुक्त किए गए कार्यकारी सीबीआई निदेशक नागेश्वर राव को भ्रष्ट करार दिया और कहा कि राफेल मामले की जांच न हो पाए इसके लिए उन्हें निदेशक की जिम्मेदारी दी गई है। इस दौरान उन्होंने निदेशक आलोक वर्मा द्वारा राफेल जांच को लेकर जुटाए गए दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया है।
इससे पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर निशाना साधा था। साथ ही सीबीआई निदेशक को हटाने जाने के तरीके पर सवाल खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को एक चिट्टी भी लिखी है। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि वह खुद भी इस कमेटी के सदस्य है, ऐसे में उन्हें जानकारी से दूर क्यों रखा गया।
खड़गे ने प्रधानमंत्री से इसे लेकर जवाब मांगा है। साथ ही कहा है कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो वह कानूनी कार्रवाई को लेकर भी सलाह लेंगे। राहुल गांधी से जब सीबीआइ मामले पर वित्त मंत्री का हवाला देते हुए सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अरुण जेटली से उनके बेटी के बारे में पूछा जाना चाहिए।
जावड़ेकर ने दिया राहुल के आरोपों का सख्त जवाब
राहुल के आरोपों पर जवाब देते हुए भाजपा ने सीधा आरोप जड़ दिया कि राहुल को राफेल डील में संजय भंडारी के जरिए कमीशन नहीं मिल पाया। यही कारण है कि रोज झूठी कहानियां बनाकर लोगों को भरमाते हैं। जावड़ेकर ने कहा कि देश की जनता राहुल गांधी से बहुत अधिक परिपक्व है, और समझती है सच क्या है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रासंगिक होने की हर उम्मीद खो चुकी है। राहुल गांधी हर दिन झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं। जावड़ेकर ने याद दिलाया की सीबीआइ निदेशक को हटाया नही गया है बल्की छुट्टी पर भेजा गया है। राहुल भ्रम न फैलाएं।
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अश्विनी कुमार जब कानून मंत्री थे तब उनके दफ्तर में कोयला घोटाले की रिपोर्ट को कैसे बदला गया ये सबने देखा है। उन्होंने सीबीआइ के अधिकारियों को घर पर बुलाया और रिपोर्ट में फेरबदल किया। ये कांग्रेस के काम करने का तरीका है।
जावड़ेकर ने दावा किया कि हर बार मोइन कुरैशी का नाम इसलिए आता है क्योंकि वो हर मामले में सीबीआइ से पहुंच रखते थे। कार्ति चिदंबरम के नाम से लुक आउट नोटिस निकलता है और उन्हें पहले से पता चल जाता है। जिसके बाद वो कोर्ट से राहत ले लेते है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने सीबीआइ को अपने विरोधियों को धमकाने के लिए दुरुपयोग किया है, आज वही सवाल उठा रहा है।