लेफ्टिनेंट जनरल एमसी भंडारी को उत्तराखंड गौरव सम्मान मिला

अल्मोड़ा। रक्षा के क्षेत्र में राष्ट्र को अद्वितीय योगदान देने के लिए उत्तराखंड महासभा लखनऊ की ओर से रक्षा विशेषज्ञ लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) मोहन चंद्र भंडारी को उत्तराखंड गौरव सम्मान से नवाजा गया है। लखनऊ में आयोजित समारोह के दौरान मुख्य अतिथि उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनरल भंडारी को सम्मान प्रदान किया। उन्होंने कारगिल युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भंडारी की सराहना की। थल सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने भी समारोह में शिरकत कर भंडारी को बधाई दी।

11 जून 1967 को सेना में कमीशन प्राप्त करने के बाद भंडारी ने देश भर में सेवाएं देकर कई उपलब्धियां हासिल कीं। वह गढ़वाल राइफल के कर्नल ऑफ द रेजिमेंट भी रहे। कारगिल युद्ध में उप महानिदेशक रहे जनरल भंडारी ने इस युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी। युद्ध में पाकिस्तानी सेना को करारी व शर्मनाक हार झेलनी पड़ी। सेवानिवृत्त के बाद भंडारी रक्षा के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं। शोध आधारित उनकी ‘इंडिया-चाईना रिलेशन एंड इंटरनेशनल लॉ’ किताब खासी चर्चित रही।

दक्षिण एशिया में रक्षा शोध संबंधी उनकी पुस्तक जल्द प्रकाशित होने वाली है। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के वह अध्यक्ष भी रहे। रक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए राष्ट्र को योगदान देने के लिए उत्तराखंड महासभा लखनऊ ने जनरल भंडारी का चयन उत्तराखंड गौरव सम्मान के लिए किया। बीते सप्ताह लखनऊ में गोमती नदी के किनारे भव्य सम्मान समारोह में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनरल भंडारी को उत्तराखंड गौरव सम्मान के रूप में प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिह्न प्रदान किया। सीएम ने कारगिल युद्ध में निर्णायक भूमिका निभाने के लिए भंडारी की सराहना की। इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली अन्य शख्शियतों को भी सम्मानित किया गया। जनरल भंडारी ने बताया कि समारोह में चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने भी शिरकत कर उन्हें खास तौर पर बधाई दी।

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