तो अजय सिंह होंगे मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री!

तो अजय सिंह होंगे मध्यप्रदेश के अगले मुख्यमंत्री!
उमा शंकर तिवारी
दिल्ली। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव बंपर वोटिंग के साथ संपन्न हो चुके हैं। प्रदेश में सत्तापरिवर्तन की लहर के संकेत भोपाल से लेकर दिल्ली तक साफ देखे जा सकते हैं। अगर ये रुझान सही रहे तो आगामी 11 दिसंबर को मध्यप्रदेश में 15 वर्षों बाद कांग्रेस का वनवास खत्म होगा। इन सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि अगर सूबे में कांग्रेस की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री कौन होगा?दिल्ली कांग्रेस के बड़े नेताओं का इशारा समझे तो इस बार मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री विंध्यक्षेत्र से चुना जा सकता है।
मतदान शांतिपूर्ण संपन्न होने के साथ ही मध्यप्रदेश में सभी को 11 दिसंबर का बेसब्री से इंतजार है। जहां बीजेपी को इंतजार है कि क्या वो चौथीं बार भी जीत का सिलसिला जारी रखेगी तो वहीं कांग्रेस को इंतजार है सत्ता में वापसी का है। मध्यप्रदेश चुनाव शुरू होने से पहले ही कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के चेहरे को हुई खींचतान ने पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर जमकर छीछलेदारी की थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बीच टिकट बंटवारे तक चली जंग ने हाईकमान को काफी चिंतित कर रखा था। ऐन वक्त पर जब पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने सुलह करवाई तब जाकर स्थितियां कांग्रेस के माकूल हुई है। कुछ ऐसी ही स्थिति 11 दिसंबर के बाद भी देखने को मिल सकती है। कांग्रेस हाईकमान हालांकि अभी राजस्थान चुनाव में व्यस्त है लेकिन ये बात उसके जेहन में जरूर है। अगले कुछ महीनों में लोकसभा के चुनाव होने वाले है और कांग्रेस हाईकमान ये नहीं चाहता कि पार्टी के प्रति जनता में कोई गलत संदेश जाए। यही कारण है कि परिणाम आने से पहले वो ये तय कर लेना चाहता हैं कि कांग्रेस अगर बहुमत के साथ जीत दर्ज करती है तो मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री कौन होगा?
कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सांसद ही रहेंगे
कांग्रेस अगर बहुमत में आती है और पार्टी कमलनाथ या ज्योतिरादित्य में से किसी एक को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाती है तो दूसरा विद्रोह का माहौल पैदा कर सकता है। जिसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में पार्टी को उठाना पड़ सकता है। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव प्रचार व रणनीति के लिए कांग्रेस को ज्योतिरादित्य और कमलनाथ दोनों ही चेहरों की जरूरत पड़ेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस आलाकमान दोनों ही चेहरों को फिलहाल सांसद ही बनाएं रखना चाह रहा है।
दिग्विजय पर खेलना पार्टी के जोखिमभरा
कांग्रेस पार्टी में एक और बड़ा नाम मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का है। पर जनता के रुझान व हाईकमान इस नाम पर एकमत है। सभी का मानना है कि दिग्विजय सिंह का नाम लेना पार्टी के लिए किसी बड़े जोखिम से कम नहीं है। यही कारण है कि मध्यप्रदेश के चुनाव में उनकी भूमिका एक छोटे दायरे में ही सीमित करने के साथ कड़े निर्देश भी दिए गए थे।
अजय सिंह के नाम पर उम्मीद ज्यादा
कांग्रेस हाईकमान के पास चौथा बड़ा नाम विंध्य के अजय सिंह का है। क्षेत्र में राहुल भैय्या के नाम से लोकप्रिय अजय सिंह चुरहट सीट से अजेय है। इनके पिता स्वर्गीय अर्जुन सिंह मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके है। साथ ही यूपीए के कार्यकाल में वो मानव संसाधन एवं विकास मंत्री भी थे। यानि हाईकमान की नजर से देखा जाए तो उनकी राजनैतिक विरासत मुख्यमंत्री के लिए फिट बैठती है। पर विरासत के आधार पर मुख्यमंत्री का चयन फिलहाल कांग्रेस हाईकमान नहीं करना चाहता है। हाईकमान ने पहले ही निर्देश दिया है कि इस बार जो जैसा प्रदर्शन करेगा उसको वैसा ही फल मिलेगा।
24 सीटों पर फतह करना होगा
कांग्रेस हाईकमान के संकेत माने तो विंध्य क्षेत्र की 30 में से 24 सीटों पर अगर कांग्रेस विजय हासिल करती है तो अजय सिंह का पलड़ा सभी दिग्गजों पर भारी पड़ेगा। विंध्यक्षेत्र की सभी सीटों पर अजय सिंह ने जिस तरह से दौरा किया उसके अनुसार इस लक्ष्य को वो आसानी से पार करते दिख रहे हैं। हालांकि ये 11 दिसंबर को ही तय होगा।
मोदी-शाह को सीधे दी टक्कर
अजय सिंह अन्य दिग्गजों पर भारी इसलिए भी बैठते है कि विंध्य में उन्होंने मोदी और शाह के प्रचार अभियान को सीधे टक्कर दी है। मोदी और शाह के बारे में प्रचलित है कि वो जहां भी रैली या आमसभा करते है वहां कि वोटिंग को पार्टी के पक्ष में काफी हद तक मोड़ देते है। इसके अलावा भी भारतीय जनता पार्टी के राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी, शिवराज सिंह, रमन सिंह जैसे कई अन्य दिग्गज नामों ने विंध्य में जमकर प्रचार किया, जबकि कांग्रेस की तरफ से पूरी जिम्मेदारी अजय सिंह के कंधों पर ही रही। यानि वो भाजपा के दिग्गजों को सीधे टक्कर देते नजर आए। इन बड़े नामों को फेल करते हुए अगर विंध्य में कांग्रेस पार्टी बड़ी जीत दर्ज करती है तो इसका श्रेय अजय सिंह को ही जाएगा। जो कि उनके मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ कर सकता है।
बीजेपी लहर में भी कांग्रेस को जिताया
2013 के मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरे प्रदेश में बीजेपी की लहर थी। इस चुनाव में बीजेपी ने रिकार्ड जीत दर्ज की थी। चुनाव में कांग्रेस के कई दिग्गजों को हार का मुंह देखना पड़ा था। इस सबके बीच विंध्य में अजय सिंह ने कांग्रेस को मजबूती दिलाए रखी। उन्होंने न केवल चुरहट सीट से अपनी जीत कायम रखी बल्कि विंध्य की कुछ सीटों में भी कांग्रेस जीत दर्ज की थी। यानि कि उनका पिछला रिकार्ड भी उनके मुख्यमंत्री बनने का आधार रह सकता है।