महाराष्ट्र की लोनार झील के पानी का रंग रातोंरात बदलकर गुलाबी, वैज्ञानिक हैरान

महाराष्ट्र की लोनार झील का निर्माण करीब 50,000 साल पहले धरती से उल्कापिंड के टकराने से हुआ था. करीब 1.2 किमी के व्यास वाली झील के पानी की रंगत गुलाबी हो गया है. विशेषज्ञ इसकी वजह लवणता तथा जलाशय में शैवाल की मौजूदगी को मान रहे हैं
औरंगाबाद के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में भूगोल विभाग के प्रमुख डॉ. मदन सूर्यवंशी ने कहा, “जिस बड़े पैमाने पर पानी का रंग बदला है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इसमें मानवीय दखल का मामला नहीं है, पानी में मौसम के मुताबिक बदलाव आता है और लोनार झील में भी मामला यही हो सकता है. अगर हम एक हफ्ते में वहां जा सकते हैं तो बदलाव की जांच कर पाएंगे. तभी इसके बारे में कुछ और बता सकेंगे.”

lonarlake
lonarlake
लोनार झील संरक्षण एवं विकास समिति के सदस्य गजानन खराट ने कहा, ”इसका पानी खारा है और इसका पीएच स्तर 10.5 है, जलाशय में शैवाल है, पानी के रंग बदलने की वजह लवणता और शैवाल हो सकते हैं. पानी की सतह से एक मीटर नीचे ऑक्सीजन नहीं है. ईरान की एक झील का पानी भी लवणता के कारण लाल रंग का हो गया था.”
लोनार झील मुंबई से 500 किमी दूर बुलढाणा जिले में है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *