देहरादून के फूलचंद नारी शिल्प मंदिर स्कूल में अत्याधुनिक STEM लैब का उद्घाटन

देहरादून – देहरादून स्थित फूलचंद नारी शिल्प मंदिर गर्ल्स इंटर कॉलेज में विज्ञान और तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी, स्पार्क टेक्नोलॉजीज, एसीआईसी उत्तरांचल यूनिवर्सिटी फाउंडेशन और SPECS के सहयोग से विद्यालय में अत्याधुनिक STEM लैब की स्थापना की गई।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा, विज्ञान और नवाचार क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। STEM लैब का उद्घाटन उत्तरांचल यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट अंकिता जोशी, वाइस चांसलर प्रो. धरम बुधि, प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र भसीन, सदस्य अवनीश ओबोरॉय और SPECS के अध्यक्ष डॉ. बृज मोहन शर्मा ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अंकिता जोशी ने कहा कि STEM लैब विद्यार्थियों में रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को समझने के लिए अवलोकन और प्रयोग बेहद जरूरी हैं और ऐसी प्रयोगशालाएं बच्चों को व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ती हैं।
वाइस चांसलर प्रो. धरम बुधि ने कहा कि विज्ञान शिक्षा को रोचक और प्रयोगात्मक बनाना समय की आवश्यकता है, ताकि विद्यार्थी केवल किताबों तक सीमित न रहें बल्कि व्यावहारिक रूप से सीख सकें। वहीं डॉ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि STEM शिक्षा भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों को तैयार करेगी।
SPECS के अध्यक्ष डॉ. बृज मोहन शर्मा ने कहा कि यह लैब विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और आत्मविश्वास को बढ़ावा देने का प्रभावी मंच बनेगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन को बेहतर बनाने का माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। इंटरमीडिएट और हाईस्कूल वर्ग की मेधावी छात्राओं को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इसके अलावा विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में योगदान देने वाले सहयोगियों को “विज्ञान संचारक सम्मान” से सम्मानित किया गया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या मोना बाली ने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि STEM लैब विद्यार्थियों के सपनों और वैज्ञानिक सोच को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल छात्राओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी।