प्रद्युम्न हत्याकांड, सीबीआई की इस कदम से मची सनसनी

गुरुग्राम । प्रद्युम्न हत्याकांड में असली गुनाहगार अभी पुलिस की पहुंच से बाहर दिख रहा है। हालांकि, पुलिस ने आरोपी के रुप में स्कूल के बस कंडेक्टर को गिरफ्तार किया है, लेकिन उसने भी अपना बयान बदलकर सबको चौका दिया है। आपको बता दें कि 8 सितंबर को गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशल स्कूल में हुए इस 7 साल के बच्चे की स्कूल के अंदर हुई हत्या ने पुलिस और प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। पुलिस ने इस मामले में स्कूल के बस कंडेक्टर को गिरफ्तार किया है, लेकिन उसने भी कोर्ट के सामने खुद को बेगुनाह बताकर पुलिस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। अब इस मामले में हरियाणा सरकार के आदेश पर सीबीआई जांच शुरु कि गई है।
प्रद्युम्न के हत्यारे को ऐसे पकड़ेगी CBI

सीबीआई टीम ने प्रद्युम्न हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपी बस कंडक्टर अशोक कुमार को रेयान इंटरनेशनल स्कूल लेकर गई। आरोपी अशोक कुमार और माली हरपाल सिंह दोनों को स्कूल लाया गया और स्कूल में क्राइम सीन के दुबारा क्रिएट किया गया। ऐसा करने से प्रद्युम्न की हत्या की गुत्थी सुलझाने में मदद मिलेगी। सीबीआई ने इसम मामले में थोड़ी देर बाद ही सही लेकिन जांच शुरू कर दी है। सीबीआई के जांच में शामिल होने पर प्रद्युम्न के पिता वरुण ठाकुर ने अपनी संतुष्टी जताई है। उन्हें भरोसा है कि सीबीआई इस मामले को जल्द ही सुलझा लेगी।
स्कूल में सुरक्षा में हैं कई खामियां

हरियाणा सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने रेयान स्कूल में कई कमियों के बारे में बताया है। टीम द्वारा सौपी गई जांच रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल की निगरानी करने के लिए जो सीसीटीवी कैमरे तो लगे हुए हैं, वो भी सिर्फ नाम के लिए ही हैं। स्कूल में जो भी सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं उनके तार खुले पड़े हैं। यानि इन सीसीटीवी को मॉनिटर करने वाला कोई नहीं है। अगर ये सीसीटीवी कैमरे सही काम करते तो आज शायद प्रद्युमन हमारे बीच जिंदा होता। क्योंकि कम से कम आरोपी ने सीसीटीवी कैमरे के डर से शायद ऐसा करने से पहले एक बार सोचा तो होता।
गिरफ्तार हो सकता है टॉप मैनेजमेंट

बीते बुधवार प्रद्युमन हत्याकांड मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्कूल प्रबंधन के चेयरमैन, एमडी और सीईओ की अग्रिम जमानत खारिज कर दिया है। इसका मतलब है कि अब ये लोग कभी भी गिरफ्तार हो सकते हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस एसआईटी ग्रुप के चेयरमैन एएफ पिंटो, एमडी ग्रेस पिंटो और सीईओ रायन पिंटो को जल्द गिरफ्तार कर सकती है। इस मामले में एसआईटी जांच में शामिल होने के लिए पुलिस दुबारा नोटिस भी भेज सकती है।