6 महीने बाद पुलिस ने धर-दबोचा , कॉलगर्ल उपलब्ध कराने वाला मास्टरमाइंड

पंचकूला। विभिन्न देशों की कॉलगर्ल उपलब्ध कराने का दावा करने के आरोपी को पंचकूला से इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पंचकूला में बैठकर यह वेबसाइट चला रहा था। उसे सेक्टर-21 के एक मकान से गिरफ्तार किया गया है। इंदौर साइबर सेल की टीम ने आरोपी दबोचा है, जो न सिर्फ वेब डेवलपर है, बल्कि गूगल सर्च इंजन ऑप्टोमाइजेशन के जरिये पलभर में पूरे विश्व की पहुंच में आ जाता था।
गूगल पर कीवर्ड डालते ही यूजर्स एस्कॉर्ट सर्विसेज की वेबसाइट पर पहुंच जाते थे। इस मास्टरमाइंड को गिरफ्तार करने में 6 महीने का समय लग गया। आरोपी हर्षल झा निवासी सारंगपुर, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश पिछले काफी समय से पंचकूला में छिपा हुआ था और यहीं से धंधा चला रहा था। 30 वर्षीय झा ने वेबसाइट की शुरुआत इंदौर से की थी।
इंदौर के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि देह व्यापार का दावा करने वाली वेबसाइट को बनाने वाले हर्षल ने इंदौर में एस्कार्ट सर्विस के लिए सुबीना डॉट कॉम, सुबीना खान डॉट कॉम और रक्त सलूजा डॉट कॉम के नाम से वेबसाइट्स बनाई हुई थी। जिसकी शुरुआत उस समय हुई, जब 2014 में हर्षल को सागर जैन नामक व्यक्ति से कॉलगर्ल की सेवाएं ली और फिर उज्बेकिस्तान की उसी कॉलगर्ल ने जिस्मफरोशी का धंधा चलाने के सरगना इंदौर के सागर जैन से बेहतर तरीके से मुलाकात कराई और फिर इबारत लिखी गई 7 डिजिटल एस्कॉर्ट सर्विस के जरिए शहर से लेकर दुनिया तक में कारोबार फैलाने की।
विदेशों में भी उपलब्ध करवाई थी कॉलगर्ल
बाद में सागर जैन ने हर्षल झा से वेबसाइट बनवाई, जिसके जरिये सागर जैन का जिस्मफरोशी का धंधा जमकर चला। इंदौर ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी यहां के ग्राहकों को एस्कॉर्ट सर्विस के जरिये कॉलगर्ल मुहैया कराई जाती थी। इसके लिए हर्षल एसीईओ की मदद से अधिक अधिक ऑनलाइन ग्राहक ढूंढ़ता था। जिसके एवज में उसे दो वेबसाइट्स के लिए 10-10 हजार रुपये मिलते थे।
बिखर रहा था धंधा
इंदौर पुलिस के अनुसार सागर जैन को जब खजराना पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तो उसका काम बिखरने लगा। उसने एक अन्य साथी राहुल ऊर्फ विकास बत्रा की मदद से उसने पंचकूला में कुछ लोगों के लिए काम करना शुरू कर दिया। यहां उसने इंग्लैंड, अमेरिका एवं ऑस्ट्रेलिया की एडल्ट वेबसाइट के लिए जॉब वर्क शुरू किया और उसकी पहुंच विदेशी कॉलगर्ल तक हो चुकी थी।
6 महीने में मिशन पूरा
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने बताया कि देहरादून की यूनिवर्सिटी से बीटेक कर चुके हर्षल को पकड़ना इतना आसान नहीं था। जांच के दौरान पता चला कि एस्कार्ट सर्विस प्रोवाइड कराने वाली वेबसाइट्स मौर्या हिल्स इंदौर के डेजी मौर्या गार्डन बंगला नंबर 405 से हर्शल द्वारा संचालित की जा रही है। जब पुलिस ने यहां दबिश दी तो वह अपने घर सारंगपुर चला गया।
शातिर है आरोपी, दबिश से पहले हो गया था फरार
इस बीच हर्षल को उसके सारंगपुर के मित्र ने बताया कि पुलिस उसकी तलाश कर रही है, तो उसी रात उसने निरंजनपुर स्थित एक फ्लैट में सामान रखवा दिया था। हालांकि पुलिस की नजर उक्त फ्लैट पर थी और अचानक एक दिन हर्षल का सामान पैकर्स एंड मूवर्स के माध्यम से पंचकूला पहुंचाया गया।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार इस मिशन को पूरा करने के लिए लगभग 6 माह से भी अधिक समय लगा, क्योंकि हर्षल बेहद शातिर दिमाग का है। हर्षल ने पूछताछ में ये भी बताया है कि उसके द्वारा बनाई वेब को रन करने और खरीदने के लिए इंदौर के महालक्ष्मी नगर से किसी ने संपर्क किया था।

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