नोटबंदी के बाद डिजिटल ट्रांजेक्शन में 80 फीसदी का इजाफा

नोटबंदी के बाद से लोगों का रुझान डिजिटल ट्रांजेक्शन की तरफ काफी बढ़ा है। यह बात एक आधिकारिक आंकड़े के तहत सामने आई है। आंकड़ों के मुताबिक उम्मीद जताई जा रही है कि 2017-18 में डिजिटल लेनदेन में 80 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह आंकड़ा 1800 करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद है जबकि अक्टूबर तक डिजिटल लेनदेन 1000 करोड़ तक पहुंच चुका है।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार डिजिटल पेमेंट के आकड़़ो में आगे भी बढ़त जारी रहेगी। इसी साल मार्च और अप्रेल के महीनों में 156 करोड़ का डिजिटल पेमेंट हुआ था। जो अभी तक जारी हैं। खबरों के अनुसार देश में पिछले साल 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा के बाद से ही डिजिटल लेनदेन बढ़ रहा है फिर चाहे वह यूपीआई-भीम हो, आईएमपीएस एम-वॉलेट या डेबिट कार्ड, लोग अब पहले से अधिक डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि पिछले साल PM मोदी द्वारा नोटबंदी की घोषणा किए जाने के बाद से ही रोजमर्रा के कामकाजों डिजिटल पेमंट का चलन बढ़ रहा है।
जनधन- आधार-मोबाइल की तिकड़ी स्थापित करने में भी काफी प्रगति देखी गई है। देश में 118 करोड़ मोबाइल, करीब इतने ही आधार नंबर और 31 करोड़ जनधन खाते होने की बात इस रिपोर्ट में कही गई है।