आनी के कोट व कोटनू गांव में भालूओं का आतंक, लोग ख़ौफ़ज़दा

-कोटनू के बाद अब कोट गांव में भालूओं की दहशत
-तीन दिनों में आधा दर्जन गोशालाओं को उजाड़कर मवेशियों को किया जख्मी
-इससे पहले कोटनू गांव में भी भालूओं ने पशुओं को किया है घायल
-पंचायत के बाशिंदों ने वन विभाग से लगाई पिंजरा लगाने की गुहार
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू, 22 नवबंर। कुल्लू ज़िला के आनी की तलूणा पंचायत के कोटनू व कोट गांव में भालुओं ने खूब आतंक मचा रखा है। आलम यह है कि भालूओं ने पिछले तीन दिनों में पंचायत के दो गांव की करीब आधा दर्जन गोशालाओं में पशुओं को नुकसान पहुंचाया है। अब हालत यह है कि दोनों ही गांव के लोग भालुओं के आतंक से इतने सहमे हुए हैं कि रात को तो बाहर निकल ही नहीं रहे हैं लेकिन दिन को भी घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। ग्रामीण भालुओं की दशहत से बुरी तरह सहमे हुए हैं।ग्रामीणों के अनुसार भालू ने बीते दिनों यहां के कोटनू गांव में पांच लोगों की पशुशालाओं को उजाड़कर अंदर रह रहे मवेशियों को बुरी तरह जख्मी कर डाला है और अभी यह मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि गत मंगलवार रात्रि को भालू ने यहां के कोट गांव में भी अपनी दविश देकर गांव के शेर सिंह की पशुशाला को उजाड़कर अंदर रह रहे पशुओं को अपना शिकार बनाने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच परिवार के जागने और शोर मचाने पर भालू वहां से भाग खड़ा हुआ। उधर, उक्त दोनों गांव के ग्रामीण गांव मे भालू के आए दिन हो रही दबिश से बेहद खौफजदा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस बारे में वन विभाग को कई बार अवगत करवाया है और यहां भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की गुहार भी लगाई है बावजूद इसके विभाग द्धारा अभी तक कोई कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है, जिससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति बेहद रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में उनके गांव में जंगली जानवरों के हमलों से यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए वन विभाग जिम्मेवार होगा। वहीं, इस बारे में जब वनमंडलाधिकारी आनी स्थित लूहरी बीके अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सम्बन्धित क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए उन्होंने वन विभाग की टीम को भेजकर वहां पिंजरा लगवा दिया है।
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सम्बन्धित क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम को भेजकर वहां पिंजरा लगवा दिया गया है। शीघ्र ही भालू को पकड़ लिया जाएगा।
बीके अग्रवाल, वनमंडलाधिकारी आनी(लूहरी)