एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शहर में निकाली रैली

देहरादून। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने केरल राज्य में हो रही घंटनाओं की ओर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित किये जाने की मांग को लेकर कार्यकर्ताओं ने राजधानी में रैली निकालकर जिलाधिकारी के जरिये राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित करते हुए इस मामले पर कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। प्रदेश सह मंत्री संकेत नौटियाल के नेतृत्व में अभाविप कार्यकर्ता आनंद भवन में इकटठा हुए और वहां से केरल सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा है कि केरल में वामपंथियों द्वारा जन मानस पर हो रही हिंसा के विरोध में 11 नवम्बर को रैली निकाली जायेगी और इस रैली में देशभर से पचास हजार कार्यकर्ता पहुंचेंगे और उत्तराखंड प्रदेश से तीन सौ कार्यकर्ता केरल जायेंगें। वक्ताओं ने कहा है कि केरल जैसे खूबसूरत प्रदेश में कम्युनिस्ट सरकार अपने लाल रंग के अनुरूप खूनी हिंसा को सुनियोजित ढंग से अंजाम दे रही है और यह चिंता का विषय है। उनका कहना है कि लोकतंत्र के खिलाफ कम्युनिस्टों को हिंसा करके आम जनमानस को डराना, राष्ट्रवादी विचारधारा के लोगों की निर्मम हत्या करना, सुवा व छात्र के विकास में अवरोध उत्पन्न करना उसका ध्यान हिंसा की तरफ धकेलना, यह वामपंथी सरकार सत्ता में आने के बाद आतंकवाद को बढावा मिला है और केरल सरकार के मुख्यमंत्री के गृह जनपद में 69 राजनीतिक हत्यायें हुई है और पिछले साल 701 बच्चे लापता हुऔर जिनमें 478 लडकियां थी जिससे साबित होता है कि मानव तस्करी भी केरल में पूरी तरह से हावी हो चुका है।
उनका कहना है कि उत्तराखंड के सीमावर्ती जिलों चम्पावत व पिथौरागढ, अल्मोडा में भी माओवादी गतिविधियां देखने को मिली है जिन्हें सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर नाकाम कर दिया है, उनका कहना है कि वहीं दूसरी ओर संविधान का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। उनका कहना है कि वामपंथियों के खिलाफ मोर्चा खोला जायेगा। उनका कहना है कि गृह मंत्रालय का भी दायित्व है और वह भी इस ओर त्वरित गति से कार्यवाही करें और उन्हें भी आवश्यक कदम उठाने की जरूरत है। इस अवसर पर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित कर उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की गई। इस अवसर पर विभाग संयोजक मनीष रावत, तरूण जैन, शुभम सिमल्टी, योगेश घाघट, अरूण कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता मौजद थे।