छात्र विरोधी नीतियां किसी भी सूरत में नहीं होंगी सहन…सुनील

-कहा: रूसा की खामियों को सुधारो नहीं तो होगा आंदोलन
-हिमाचल के कई कॉलेजों में अध्यापकों की कमी
– एसएफआई ने रूसा की खामियों को लेकर कुल्लू कॉलेज में किया धरना प्रदर्शन
कमलेश वर्मा(परी), कुल्लू,14 दिसंबर। कुल्लू कॉलेज में एसएफआई द्वारा गुरूवार को रूसा प्रणाली में खामियों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन रूसा के तहत रि-अपियर की परीक्षाओं को ऑडईवन प्रणाली से हटाकर पीजी कोर्स की तर्ज पर वर्ष में दो बार करवाने बारे किया गया। जानकारी देते हुए एसएसफआई के जिला अध्यक्ष सुनील ठाकुर ने कहा कि एसएफआई पूरे प्रदेश में लगातार छात्र हितों के लिए लड़ती आ रही है और लड़ती रहेगी। उन्होंने कहा कि छात्र विरोधी नीतियां किसी भी सूरत में सहन नहीं की जाएगी। गौर रहे कि एसएफआई पूरे प्रदेश में रूसा की खामियों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। एसएफआई ने 2013 में कहा था जब रूसा प्रणाली लागू की गई थी कि यह प्रणाली हिमाचल प्रदेश के लिए सही नहीं है, क्योंकि हिमाचल में लगभग 40-45 कॉलेज हैं जो स्कूलों के अंदर चल रहे हैं। आज भी ऐसे कई कॉलेज हैं जो आज तीन चार अध्यापकों के सहारे चल रहे हैं। छात्रों द्वारा दी गई परीक्षा के आधे अधूरे परिणाम घोषित हो रहें है, जिससे की छात्रों का भविष्य अधर में लटका है। एसएफआई ने धरने के माध्यम से विश्व विद्यालय प्रशासन से मांग कि वे जल्द से जल्द रूसा में पाई खामियों को दूर करें अन्यथा वह पूरे प्रदेश में धरना प्रदर्शन करेगें। इस प्रदर्शन में अजय, सुनिधि, तनुजा, रिंपल, दिविशा, अजय, सोनू ,निखिल विक्रांत, विनित, हितेश, सुनील, आरती मोनिका आदि छात्र नेता मौजूद रहे।