बुजुर्ग फैक्टर को चुनाव से दूर रख चौथी बार एमपी में सरकार बनाएगी बीजेपी

प्रदेश में चौथी बार सत्ता में आने के लिए संगठन और सरकार की क्या तैयारी है इसकी रिपोर्ट भी राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री ने तैयार की है। यह रिपोर्ट जमीनी नेताओं से मिले फीडबैक पर तैयार हुई है। बताया जाता है कि इस रिपोर्ट में मंत्रियों, विधायकों के साथ ही एक-एक पदाधिकारियों की कार्यप्रणाली का आकलन किया गया है। भाजपा सूत्रों के मुताबिक सौदान सिंह ने जीताऊ उम्मीदवारों की सूची भी अध्यक्ष को दी है। अब चुनाव नजदीक आने के साथ भाजपा विधानसभावार नए उम्मीदवारों के लिए भी भोपाल-दिल्ली दोनों जगह सर्वे करा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक टिकट वितरण से पहले सभी सर्वे में विधानसभावार कॉमन नामों को एक किया जाएगा। इन पर पार्लियामेंट्री बोर्ड में चर्चा होगी। इसके बाद एक नाम तय होगा। टिकट वितरण में बड़ी भूमिका पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की रहेगी।
कईयों के कटेंगे टिकट
भाजपा के पदाधिकारियों का कहना है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले ही पार्टी यह संकेत दे चुकी है कि इस बार कई विधायकों के टिकट कटेंगे। भाजपा संगठन इस तैयारी में है कि विधानसभा चुनाव में कोई भी ऐसी गलती नहीं की जाए, जिससे उसे चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़े। दूसरा भाजपा केंद्रीय नेतृत्व हमेशा से ही बुजुर्ग फैक्टर को चुनाव से दूर रखता आया है और इस बार इसकी बानगी मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगी। बताया जाता है की सौदान सिंह की रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है। सौदान सिंह की रिपोर्ट के अनुसार इस विधानसभा चुनाव में कुछ बुजुर्ग नेताओं के टिकट काटे जाएंगे। बताया जाता है की मार्च में सौदान सिंह के प्रदेश दौरे के दौरान जमीनी कार्यकर्ताओं ने जिन बुजुर्ग विधायकों के टिकट काटने का सुझाव दिया था उनमें-बाबूलाल गौर, सरताज सिंह, रमाकांत तिवारी, मोती कश्यप, कुसुम महदेले, रुस्तम सिंह, गोपीलाल जाटव, गोविंद सिंह पटेल, मानवेन्द्र सिंह, जयंत मलैया, रामकिशन पटेल, रंजीतसिंह गुणवान और कैलाश चावला। यही नहीं सौदान सिंह की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के अधिकांश मंंत्रियों की स्थिति न तो उनके विभाग में संतोषजनक है, न उनके विधानसभा क्षेत्र में और न ही उनके प्रभार वाले जिले में। रिपोर्ट के अनुसार 12 मंत्रियों की स्थिति तो काफी चिंताजनक है। सूत्रों के अनुसार, जिन मंत्रियों की परफार्मेंस संतोषजनक नहीं है उनमें डॉ. गौरीशंकर शेजवार, कुसुम महदेले, गौरीशंकर बिसेन, रुस्तम सिंह, ओम प्रकाश धुर्वे, पारसचंद्र जैन, अंतर सिंह आर्य, रामपाल सिंह, शरद जैन, हर्ष सिंह, ललिता यादव, सूर्यप्रकाश मीना का नाम शामिल है। बताया जा रहा है कि सौदान सिंह की रिपोर्ट में 8 सांसदों को विधानसभा चुनाव लड़ाने का सुझाव दिया गया है जबकि 50 ऐसे विधायकों का टिकट काटने को कहा गया है जिनकी स्थिति उनके क्षेत्र में कमजोर है।