स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली से जूझ रहा बौरारौ घाटी, ग्रामीणों में आक्रोश

अल्मोड़ा। लगभग एक लाख की आबादी वाले बौरारौ घाटी में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। हालात इस कदर बदतर हो गए हैं कि गर्भवती महिलाओं और सामान्य मरीजों को भी हायर सेंटर रेफर कर दिया जा रहा है।
यहां की बदहाल व्यवस्थाओं की बानगी पिछले हफ्ते तब देखने को मिली, जब ग्राम खीराकोट की एक गर्भवती महिला को सोमेश्वर अतिररिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने स्टॉफ नर्स नहीं होने का हवाला देकर अल्मोड़ा रेफर कर दिया। लेकिन हैरानी की बात है कि अल्मोड़ा बेस अस्पताल से भी महिला का प्रसव करने के बजाय उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया। चनौदा से 130 किमी का सफर करने और बदहाल सडक़ों के गड्ढों में हिचकोले खाने के कारण प्रसव पीड़ा से परेशान प्रसूता ने अस्पताल पहुंचने से पहले रानीबाग में वैन में ही बालिका को जन्म दिया। ग्रामीणों और प्रसूता के परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य महकमा सामान्य डिलीवरी वाले केस को भी हायर सेंटर रेफर कर उनकी परेशानियों को और बढ़ा रहा है।
नहीं हो पाई डॉक्टर और स्टाफ नर्स की तैनाती
बताते चलें कि विभागीय कर्मचारियों की लापरवाही से 21 सितंबर को शैल गांव की प्रसूता रेनू भाकुनी की मौत के बाद विभाग की कार्यशैली विवादों में रही। ग्रामीणों ने अस्पताल और पुलिस थाने में जमकर हंगामा काटा। विभागीय जांच दल की रिपोर्ट पर यहां से महिला चिकित्सक एवं स्टॉफ नर्स का तबादला कर दिया। लेकिन उनके स्थान पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स की तैनाती नहीं हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती नहीं करने से अस्पताल की व्यवस्था बदहाल हो गई है। सामान्य डिलीवरी के केस को भी हल्द्वानी भेजकर विभाग जनता के साथ छलावा कर रहा है। महिला संगठनों व ग्रामीणों ने फिर से विभाग के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दी है।
सोमेश्वर अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला चिकित्सक को तैनात किया गया है। डिलीवरी के लिए आई महिला को क्या दिक्कत थी किस लिए रेफर किया, इस बारे में जानकारी नहीं मिली है। इस बारे में अस्पताल से जानकारी ली जाएगी।
-डॉ. सविता ह्यांकी, प्रभारी सीएमओ अल्मोड़ा।