आरोप-प्रत्यारोप के बीच छत्तीसगढ़ में थमा चुनाव प्रचार, मतदाताओं को रिझाने की हुई भरपूर कोशिश
छत्तीसगढ़ में दूसरे दौर का चुनाव प्रचार रविवार को थम गया है. प्रचार खत्म होने से पहले कांग्रेस और बीजेपी के तमाम नेताओ ने धुआंधार जनसभाएं की. राज्य में दूसरे दौर की 72 विधानसभा सीटों पर मंगलवार को वोट पड़ेंगे. कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां अपनी अपनी जीत का दावा कर रही हैं
छत्तीसगढ़ में दूसरे दौर की 72 सीटों पर जमकर गहमागहमी रही. पीएम मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत तमाम नेताओ ने इस आखरी दौर में मतदाताओं को रिझाने की भरपूर कोशिश की.
बीजेपी ने पार्टी घोषण पत्र के अलावा कई ऐसे वादे किए जो छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य से संपन्न राज्य बनाने के लिए जरुरी थे. बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ, शिक्षा, स्मार्ट सिटी, संचार व्यवस्था और लोगों की तरक्की के अलावा किसानों के लिए स्वामीनाथन कमेटी की तमाम सिफारिशों को जल्द से जल्द लागू करने का वादा किया गया.
अमित शाह ने कभी रोड शो तो कभी आम सभा करके कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. वहीं, पीएम मोदी ने भी दूसरे दौर में लगभग आधा दर्जन आम सभाओं में कांग्रेस पर हमले पर हमले किए.
राहुल गांधी के अलावा सिद्धू और राज बब्बर भी प्रचार में उतरे
उधर बीजेपी के तमाम सवालों और हमलों का जवाब देने से कांग्रेस भी पीछे नहीं रही. राहुल गांधी के अलावा नवजोत सिंह सिद्धू और राज बब्बर ने कांग्रेस का मोर्चा संभाला. दूसरे दौर में राहुल गांधी ने भी आधा दर्जन सभाओं में कांग्रेस के प्रचार में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी. कांग्रेस अध्यक्ष ने किसानो से लेकर राफेल का मुद्दा उठा कर बीजेपी को घेरने के लिए सारे दांव आजमाए.
दूसरे चरण में 493 निर्दलीय भी मैदान में
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार दूसरे चरण में कुल एक करोड़ 53 लाख 85 हजार 983 मतदाता हैं. इनमें 77 लाख 46 हजार 628 पुरुष और 76 लाख 38 हजार 415 महिलाएं शामिल हैं. राज्य की शेष 72 सीटों पर कुल 1079 प्रत्याशी मैदान में हैं.
1079 प्रत्याशियों में 119 महिला और 960 पुरुष प्रत्याशी हैं. 493 निर्दलीय भी इस चरण में दांव आजमा रहे हैं. पूरे प्रदेश में राजधानी की दक्षिण और पश्चिम सीट पर सबसे ज्यादा महिला प्रत्याशी हैं. दक्षिण में आठ और पश्चिम में सात महिलाएं चुनावी रण में हैं.
तमाम दलों ने झोंकी पूरी ताकत
उधर प्रचार के अंतिम दिन राज्य में सत्तासीन बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने जहां कोरिया और अंबिकापुर इलाके में चुनाव प्रचार कर भाजपा प्रत्याशियों को जीताने का आव्हान किया, तो वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी जगह-जगह आमसभा कर बदलाव लाने जनता से अपील की.
राज्य में इस बार विधानसभा चुनाव काफी रोचक हो चला है. बीजेपी जहां विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है तो वहीं कांग्रेस राज्य सरकार के विभिन्न घोटालों, भ्रष्टाचारों को मुद्दा बनाकर तथा बदलाव लाने की बात कहते हुए चुनाव मैदान में सक्रिय है. बहरहाल 20 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के चुनाव के लिए निर्वाचन आयोग की तैयारियां भी लगभग पूरी हो चुकी हैं.
11 दिसंबर को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला
ईवीएम, पीपीटी और मतदान से संबंधित अन्य जरूरी चीजों के साथ ही फोर्स, वाहन आदि की व्यवस्था पूरी कर ली गई है. राज्य के एक करोड़ 53 लाख 85 हजार 983 मतदाता 1079 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 20 नवंबर को करने वाले हैं. मतदाताओं की सुविधा के लिए 19 हजार 296 मतदान केन्द्र तय किए गए हैं. 20 नवंबर को मतदान के बाद ईवीएम मशीनें स्ट्रांग रूम में कैद हो जाएगीं और 11 दिसंबर को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा.