कुल्लू के देवसदन में जलवायु परिर्वतन पर हुआ मंथन

आज़ाद जनजातीय धरोहर समिति व भाषा विभाग के संयुक्तत्वधान में सेमिनार आयोजित
-वैज्ञानिकों-विशेषज्ञों ने लोगों को किया जागरूक
कमलेश वर्मा(परी)
कुल्लू ,12 दिसंबर। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन से हर वर्ग चिचिंत है। हिमाचल प्रदेश में जलवायु परिर्वतन के क्या कारण है और जलवायु परिवर्तन को कैसे कम किया जा सकता है। इस पर देवसदन कुल्लू में मंथन किया गया है। हिमाचल प्रदेश के शीतमरुस्थल में जलवायु परिवर्तन एवं वहां के संस्कृति,कला और जन जीवन पर देवसदन कुल्लू में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। संगोष्ठी में विभिन्न पर्यावरण विदों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। ग्लेशियर, जंगल और जमीन विषय पर हिमाचल प्रदेश कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग कुल्लू और आजाद जनजातीय धरोहर सुरक्षा समिति ने इस संगोष्ठी का आयोजन किया। संगोष्ठी में सहायक आयुक्त अमित गुलेरिया ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। संगोष्ठी के आयोजक शाम चंद आजाद ने बताया कि हिमाचल प्रदेश के साथ-साथ जनजातीय क्षेत्र लाहुल स्पीति और पांगी में भी जलवायु परिवर्तन का खासा असर देखा गया है। सेब की बेल्ट कुल्लू-मनाली से खिसक कर अब लाहुल घाटी में पहुंच गई हैं।
यह सब जलवायु परिर्वतन के कारण हुआ है। हमें अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाने चाहिए। इसके लिए देव सदन कुल्लू में एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में कुल्लू, लाहुल स्पीति समेत प्रदेश के विभिन्न बुद्धिजीवी और जीवी पंत पर्यावरण संस्थान मौहल के विशेषज्ञों ने भाग लिया।संगोष्ठी में जीवी पंत संस्थान के वैज्ञानिक जीसी कुनियाल ने जलवायु परिर्वतन पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं संगोष्ठी में मिसेज एशिया इंटरनेशनल फोटोजेनिक फेस-2017 कल्पना ठाकुर ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। वहीं, सेमिनार बारे जानकारी देते हुए ज़िला लाहुल स्पिति की ग्राम विकास सभा ठोलंग के महासचिव डॉ. पीडी लाल ने बताया कि आज़ाद जनजातीय धरोहर सुरक्षा समिति के बैनर तले जलवायु परिवर्तन विषय के चिंतन मंथन सेमीनार पूरी तरह से सफल रहा। डॉ. पीडी लाल ने बताया कि इस सेमिनार में जनजातीय क्षेत्र लाहुल स्पीति, किन्नौर और पांगी भरमौर के करीब 200 लोगों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि आज़ाद जनजातीय धरोहर सुरक्षा समिति व जिला भाषा एवं संस्कृति विभाग के संयुक्तत्वधान में आयोजित हुए इस एक दिवसीय इस सेमिनार में जनजातीय क्षेत्रों के लोगों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और खासकर लाहुल स्पीति, पांगी में लगातार हो रहे जलवायु परिवर्तन के बारे में वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों से मन्त्रणा की। उन्होंने बताया कि एक दिवसीय इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण और दिन प्रतिदिन जलवायु में हो रहे परिवर्तन बारे लोगों को जागरूक करना था।इस सेमिनार में कुल्लू ज़िला के सभी विभागाध्यक्षों के अलावा जीवी पंत, पालमपुर विश्वविद्यालय और मौसम विज्ञान केंद्र शिमला से भी विषय विशेषज्ञों ने पैनल डिस्कशन किया और प्रश्नकर्ताओं के जबाब दिए।इसके साथ ही सरकारी अधिकारियों के अलावा लाहुल के प्रसिद्ध इतिहासकार छेरिंग दोरजे, कारगिल वॉर के हीरो ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर,प्रसिद्ध पर्यावरण विद और हिमालय रक्षा की आवाज़ अभिषेक सहित कई जानी मानी हस्तियां मौजूद रहीं। वहीं, सेमिनार में लॉरेल वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के छात्र छात्राओं ने वोलेंटियर का काम कर सेमिनार को सफल बनाने में अपना सहयोग दिया।

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