कॉमनवेल्थ गेम्स, संजीता ने 53 किलोग्राम की कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता


गोल्ड कोस्ट के करारा स्टेडियम में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय वेटलिफ्टर संजीता चानू ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। संजीता ने 53 किलोग्राम की कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता है। उन्होंने स्नैच राउंड में पहले प्रयास में 81 किलोग्राम का वजन उठाया, दूसरे प्रयास में 83 किलोग्राम, जबकि तीसरे प्रयास में संजीता ने 84 किलोग्राम का वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड बना दिया है। 53 किलोग्राम की कैटेगरी में स्नैच में यह अब तक का सबसे अधिक वजन है। वहीं, क्लीन एंड जर्क के मुकाबले में भारत की संजीता चानू ने पहले ही प्रयास में 104 किलोग्राम का वजन उठाया। दूसरे प्रयास में 108 किलोग्राम का वजन उठाकर भारत को पहला गोल्ड दिलाया। इसी के साथ संजीता चानू ने कुल 192 किलोग्राम का वजन उठाया। मुकाबले में उन्होंने पीएनजी की लोआ डिका को मात दी। लोआ ने कुल योग 182 किग्रा के साथ दूसरे स्थान पर रही और उन्हें सिल्वर मेडल मिला, जबकि कनाडा की रचेल लेब्लांग को 181 के कुल योग के साथ कांस्य से संतोष करना पड़ा। संजीता चानू के इस गोल्ड मेडल के साथ ही भारत अब मेडल सूची में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। अब तक के मुकाबले में भारत ने दो गोल्ड और एक सिल्वर पदक हासिल किए है। तीनों ही मेडल वेटलिफ्टिंग में हासिल हुए हैं। पहला गोल्ड मेडल पहले दिन मीराबाई चानू ने और गुरुराज ने सिल्वर मेडल पर कब्जा किया था। वहीं, दूसरे दिन संजीता ने भारत को गोल्ड दिलाया। गोल्ड कोस्ट के करारा स्टेडियम में चल रहे 21वें कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले दिन भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन शानदार रहा। भारत को वेटलिफ्टिंग में दो पदक मिले। दूसरे दिन भी संजीता चानू ने भारत का सम्मान बढ़ाया और देश को गोल्ड मेडल दिलाने में सफल रही। पिछले कॉमनवेल्थ खेलों में 48 किलोग्राम की कैटेगरी में गोल्ड और सिल्वर दोनों ही मेडल भारत के नाम रहे थे। उस समय महज 20 साल की उम्र में संजीता चानू ने भारत की ही मीराबाई चानू को पीछे छोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया था।