कांग्रेस भाजपा ने प्रदेश की जनता को किया गुमराह : उक्रांद

देहरादून। कांग्रेस और भाजपा पिछले 17 वर्षों से लगातार प्रदेश की जनता को गुमराह करते आ रहे हैं। इसी परिपाटी में कांग्रेस द्वारा पिछले 17 वर्षों में उत्तराखंड ने क्या खोया -क्या पाया नाम से विचार गोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। जबकि भाजपा के साथ कांग्रेस भी राज्य गठन के बाद से प्रदेश में पनपे भ्रष्टाचार और लूट-खसोट में बराबर की भागीदार रही है। उत्तराखंड क्रांति दल इस प्रकार के राष्ट्रीय दलों के आयोजन को नौटंकी करार देता है और साथ में कांग्रेस और भाजपा को यह नसीहत देता है कि वह उत्तराखंड की भोली भाली जनता को गुमराह करना बंद करें और पिछले 17 वर्षों में क्या खोया -क्या पाया की जगह क्या खाया -क्या पिया पर मनन करें। इसके साथ ही उत्तराखंड क्रांति दल राज्य के मुख्य-मंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के उस बयान को हास्यपद मानता है, जिसमें उन्होंने दोबारा से उत्तराखंड राज्य के विकास के नींव डालने की बात कही है। यह बात कचहरी स्थित केन्द्रीय कार्यालय में पत्राकारों से बातचीत करते हुए केन्द्रीय महामंत्री जयप्रकाश उपाध्याय एवं महानगर अध्यक्ष संजय क्षेत्री ने कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के 17 वर्षों के दौरान भारतीय जनता पार्टी ने ही उत्तराखंड प्रदेश को सबसे ज्यादा मुख्य मंत्री दिए है। जिनमें वयोवृद्व नेता स्वर्गीय नित्यानंद स्वामी, भगत सिंह कोश्यारी, भुवन चंद्र खंडूरी ,रमेश पोखरियाल निशंक व वर्तमान में भाजपा में शामिल विजय बहुगुणा भी  प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत स्पष्ट करे की इतने वरिष्ठ नेताओं के मुख्यमंत्री रहते हुए आज तक अगर प्रदेश की बुनियाद मजबूत नहीं होती तो भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्रियों ने आज तक क्या कार्य किया हैं। आज की वार्ता में दल प्रदेश में कानून व्यवस्था की खराब होती स्थिति पर भी चिंता जाहिर करता है तथा राजधनी में बेखौफ चोरों द्वारा धामावाला स्थित सर्राफा की दुकान से हुई बड़ी चोरी के तुरंत खुलासे की मांग करता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में अपराधों का ग्राफ निरंतर बढ़ रहा है। जनता स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रदेश सरकार भयमुक्त शासन देने में नाकाम रही है। हल्द्वानी बैठक में दल द्वारा प्रदेश में कुकुरमुत्तों के तरह फैल चुके शिक्षा माफियाओं की पब्लिक स्कूलों की आड़ में चल रही लूट खसोट से भी मजबूती से लडऩे का संकल्प लिया गया।

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