‘गठबंधन की आड़ में BSP के अस्तित्व को ख़त्म करना चाहती है कांग्रेस : मायावती

भोपाल : बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में बीएसपी के साथ गठबंधन करके बीएसपी को खत्म करना चाहती थी. मायावती ने मध्य प्रदेश में 28 नवम्बर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार के तहत यहां भेल दशहरा मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मध्यप्रदेश में कांग्रेस की स्थिति कमजोर है, इसलिए उसने बीएसपी से गठबंधन का प्रस्ताव रखा था.’

मायावती ने कहा,‘गठबंधन की आड़ में कांग्रेस सोची समझी रणनीति व षडयंत्र के तहत हमें बहुत ही कम सीटें देकर बीएसपी को खत्म करना चाहती थी.’ मायावती ने कहा कि इसके बाद पार्टी ने प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला लिया.

बीएसपी की पकड़ हो रही है मजबूत मायावती ने दावा किया कि बीएसपी की उत्तरप्रदेश एवं मध्यप्रदेश सहित अन्य राज्यों में पकड़ मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस घबराई हुई थी. वह खिसियाई बिल्ली की तरह खंभे नोच रही है और गठबंधन न होने के लिए बीएसपी पर आरोप लगा रही है. मायावती ने हालांकि, यह नहीं कहा कि गठबंधन करने के लिए कांग्रेस उन्हें कुल कितनी सीट दे रही थी.

उन्होंने बीजेपी नीत नरेन्द्र मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि इस सरकार ने बिना तैयारी के नोटबंदी एवं माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू किया, जिससे देश की जनता एवं व्यापारी दुखी हैं. मायावती ने कहा कि नोटबंदी एवं जीएसटी से अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ा है.

‘बीजेपी- कांग्रेस पूंजीपतियों के हित में नीतियां तैयार करती हैं’ मायावती ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये दोनों पार्टियां (बीजेपी और कांग्रेस) पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों के हित में नीतियां तैयार करती हैं, क्योंकि इनकी सरकारें पूंजीपतियों एवं धन्ना सेठों की मदद से चलती हैं. उन्होंने कहा इसके विपरीत बीएसपी आपके (जनता) धन से चुनाव लड़कर सत्ता में आना चाहती है, ताकि किसी के दबाव में न रहकर जनता को खुशहाल बना सके.
मायावती ने आरोप लगाया कि केन्द्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार एवं वर्तमान बीजेपी सरकार ने अब तक जितनी भी योजनाएं बनाई हैं, उनसे न तो देश की गरीबी दूर हुई और न ही बेरोजगारी. इन योजनाओं का लाभ गरीब आदमी को नहीं मिल रहा है. मायावती ने कहा कि भीमराव आंबेडकर के प्रयासों में जो आरक्षण की सुविधा मिली हैं उसे हीन जातिवादी मानिसकता रखने वाली पार्टियां धीरे-धीरे खत्म करने में लगी हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व बीजेपी की मानसिकता के कारण ही अब तक मंडल कमीशन लागू नहीं किया जा सका है. बीएसपी के प्रयासों से केंद्र में वी पी सिंह की सरकार बनी. मंडल कमीशन को समर्थन देने के कारण बीजेपी ने इस सरकार को ज्यादा दिनों तक नहीं चलने दिया. आंबेडकर को भारत रत्न कांग्रेस ने नहीं, बल्कि वी पी सिंह की सरकार में ही दिया गया.  उन्होंने आरोप लगाया कि सच्चर कमेटी की रिपोर्ट पर कांग्रेस व बीजेपी किसी ने ध्यान नहीं दिया.

मायावती ने कहा कि यदि बीएसपी को मध्यप्रदेश में सरकार बनानी है तो आपको (मतदाताओं) बीजेपी एवं कांग्रेस सहित सभी विरोधियों पार्टियों के हथकंड़ों से सावधान रहना होगा. उन्होंने कहा कि विपक्षी दल अपनी जीत की हवा बनाने की कोशिश करेंगे. आपको गुमराह नहीं होना है.

उन्होंने कांग्रेस एवं बीजेपी के घोषणापत्र को झूठ एवं फरेब बताते हुए कहा कि बीएसपी घोषणापत्र जारी नहीं करती है, क्योंकि हम कहने में कम और कार्य दिखाने में ज्यादा विश्वास करते हैं. उन्होंने कहा कि यदि मध्यप्रदेश में चुनाव के बाद हमारी सरकार बनी तो हम सर्व जन हिताय, सर्व जन सुखाय की नीतियों पर ही सरकार चलाएंगे. इससे पहले मायावती ने बालाघाट में भी एक चुनावी रैली को संबोधित किया.

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